Wednesday, August 4, 2021

कॉलर बम

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अर्चिका खुराना
कहानी

जिमी शेगिल (Jimmy Sheirgill) की फिल्‍म ‘कॉलर बम‘ (Collar Bomb) हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर सनावर की कहानी है। यहां एक स्‍कूल में एक सूइसाइड बॉम्‍बर घुस आया है। स्‍कूल में एक कार्यक्रम हो रहा था। उस बॉम्‍बर ने बच्‍चों को बंधक बना लिया है। एसएचओ मनोज हेसी (जिमी शेरगिल) भी वहीं है। वह वहां का सुपरकॉप है। स्‍कूल में एक बच्‍ची की गुमशुदगी के केस सॉल्‍व करने के लिए इसी कार्यक्रम में मनोज हेसी का सम्‍मान भी किया जा रहा था। लेकिन अब सब बंधक है। मनोज हेसी को आतंकी का हैंडलर तीन काम सौंपता है। सबकी जान बचाने के लिए मनोज को इन टास्‍क्‍स को पूरा करना है। लेकिन क्‍या वह हैंडलर तक पहुंच पाएगा? हैंडलर कौन है और उसका मनोज हेसी से क्‍या रिश्‍ता है? इन सारे सवालों के जवाब फिल्‍म की कहानी में छि‍पे हुए हैं।

समीक्षा
‘कॉलर बम’, मनोज कुमार हेसी (जिमी शेरगिल) की कहानी है। वह एक पुरस्‍कृत पुलिस वाला है। लेकिन उसकी बीती हुई जिंदगी में कुछ ऐसा भी है, जिससे वह अशांत है। एक आत्मघाती हमलावर, अली (स्पर्श श्रीवास्तव) ने सेंट जॉर्ज स्कूल को उड़ाने की धमकी दी। वहां सेमिनार हॉल में बड़ी संख्‍या में बच्‍चे भी बंधक हैं। मनोज हेसी इस अजीब स्‍थ‍ितियों के बीच एक के बाद एक अपराध को अंजाम देने के लिए मजबूर है। बच्‍चों को बचाने का उसके पास यही एक तरीका है। इस घटना के कारण उधर स्‍थानीय लोगों में भी एक पागलपन शुरू हो जाता है। मनोज हेसी समय के खिलाफ दौड़ लगाता है, लेकिन इसी क्रम में उसका सामना अपने अतीत से होता है। पता चलता है कि इस आतंकी हमले का असली मकसद मनोज हेसी से ही बदला है। मनोज इसी रहस्य को सुलझाते हुए आगे बढ़ता है।

इस क्राइम-ड्राम की कहानी निख‍िल नायर (Nikhil Nair) ने लिखी है। डायरेक्‍टर न्यानेश ज़ोटिंग (Dnyanesh Zoting) ने इसमें थ्र‍िल डाला है। फिल्‍म में कई ट्विस्‍ट हैं, जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। इसमें अपराध है, रहस्‍य है, ड्रामा है, ऐक्‍शन है और इमोशन है। सूइसाइड बॉम्‍बर के गले में टाइम बम है, इसलिए समय की पीछे एक दौड़ भी है। डायरेक्‍टर और राइटर समय रहते चीजों को ठीक करने के मनोज हेसी के तनाव से दर्शकों को बांधने में सफल रहे हैं। फिल्‍म छोटी है और स्‍क्रीनप्‍ले में एक स्‍पीड है, इसलिए बतौर दर्शक आप कभी बोर नहीं होते हैं।


हालांकि, इसी जॉनर पर बनी फिल्‍में ‘ए वेन्‍सडे’ और ‘मदारी’ से तुलना करें तो ‘कॉलम बम’ थोड़ी फीकी जरूर है। जबकि फिल्‍म का क्‍लामेक्‍स ऐसा है, जो आपका ध्‍यान खींचता है। ऐसा इसलिए कि यहीं पर सारे रहस्‍य खुलते हैं। जितन हरमीत सिंह (Jitan Harmit Singh) की सिनेमेटोग्राफी खूबसूरत है। उन्‍होंने पहाड़ी इलाके की सुंदरता को कैमरे में समेटने का बढ़‍िया काम किया है। निसर्ग मेहता (Nisarg Mehta) और गौरव शर्मा (Gaurav Sharma) के डायलॉग्‍स औसत हैं और 80 के दशक की फिल्‍मों की याद दिलाते हैं।

एसएचओ मनोज हेसी के किरदार में जिमी शेरगिल ने बढ़‍िया काम किया है। वह इस फिल्‍म में सारी लाइमलाइट चुरा ले जाते हैं। हालांकि, वह कहानी और स्‍क्र‍िप्‍ट में बंधे होने के कारण अपने किरदार को अलग विस्‍तार नहीं दे पाते हैं। कहानी के केंद्र में मनोज हेसी का किरदार है, बावजूद इसके दूसरे पुलिस वाले भी छाप छोड़ते हैं। खासकर एएसआई सुमित्रा जोशी (Sumitra Joshi) के रोल में आशा नेगी (Asha Negi) ध्‍यान खींचती हैं। वह हाल ही ‘लूडो’ और ‘अभय 2’ में भी नजर आई थीं। वह फिल्‍म में कुछ स्‍टंट्स करती हुई थी नजर आती हैं।

बाकी किरदारों में स्‍पर्श श्रीवास्‍तव (Sparsh Shrivastav) ने सूइसाइड बॉम्‍बर अली का रोल प्‍ले किया है, नमन जैन (Naman Jain) ने जिमी शेरगिल के बेटे अक्षय हेसी की भूमिका में हैं। राजश्री देशपांडे (Rajshri Deshpande) ने भी अपने किरदार के साथ न्‍याय किया है।

जिमी शेरिगल फिल्‍म के अंत एक डायलॉग कहते हैं, ‘जीवन एक श्रृंखला है जो हमारे लिए गए निर्णयों से ही निर्मित होती है।’ कह सकते हैं कि करीब 87 मिनट के इस रोमांचक फिल्‍म को यह आख‍िरी डायलॉग पूरी तरह समेट लेता है।



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