Wednesday, August 4, 2021

भंसाली के ‘एक दिल एक जान’ में बसता है भारत, उनकी फिल्‍मों की ये खास बात नहीं की होगी नोटिस

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इस बात में कोई शक नहीं कि संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) बॉलिवुड के सबसे टॉप फिल्‍ममेकर्स में से एक हैं। ऐक्‍टर्स की चाहत होती है कि वे अपनी जिंदगी में एक बार भंसाली के साथ फिल्‍म कर लें। उनकी फिल्‍में भव्‍य सेट, ग्रैंड लुक, जबरदस्‍त स्‍क्रीनप्‍ले और सिनेमेटोग्राफी और दिल छू लेने वाले म्‍यूजिक और बैकग्राउंड स्‍कोर के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, एक बात शायद ही आपने नोटिस की हो कि उन्‍होंने अपनी लगभग हर बड़ी फिल्‍म में भारत के अलग-अलग कल्‍चर को खूबसूरती से पेश किया है। कैसे, आइए इस स्‍पेशल स्‍टोरी में जानते हैं और शुरुआत करते हैं क्‍लासिक फिल्‍म ‘देवदास’ से…

​देवदास

2002 में रिलीज हुई ‘देवदास’ उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्‍मों में से एक थी। शाहरुख खान, ऐश्‍वर्या राय, माधुरी दीक्षित, जैकी श्रॉफ स्‍टारर इस फिल्‍म ने हर किसी का दिल जीता। सभी की परफॉर्मेंस एक से बढ़कर एक थी। खास बात यह थी कि फिल्‍म में ग्रैंड सेट के बीच बंगाली संस्‍कृति को खूबसूरती से पिरोया गया था।

​गुजारिश

2010 में रिलीज हुई ‘गुजारिश’ में रितिक रोशन और ऐश्‍वर्या राय बच्‍चन मुख्‍य किरदारों में थे। फिल्‍म को क्रिटिक्‍स की तरफ से सराहनी मिली और रितिक-ऐश्‍वर्या की केमिस्‍ट्री को पसंद किया गया। इस फिल्‍म का बैकग्राउंड गोवा था। इस मास्‍टरपीस फिल्‍म में भी शानदार लोकेशन्‍स के जरिए संजय लीला भंसाली ने लोगों को बांधकर रखा।

​गोलियों की रासलीला राम-लीला

2013 में रिलीज हुई ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण लीड ऐक्‍टर्स थे। फिल्‍म में दोनों की केमिस्‍ट्री को बेहद पसंद किया गया। इस फिल्‍म में गुजराती कल्‍चर को अलग रंग-ढंग में पेश किया गया। इसके लिए ऐक्‍टर्स ने काफी मेहनत की।

बाजीराव मस्‍तानी

2015 में आई फिल्‍म ‘बाजीराव मस्‍तानी’ को लेकर विवाद भी हुआ। विवादों के बावजूद रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा स्‍टारर इस फिल्‍म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। फिल्‍म का बैकग्राउंड मराठा संस्‍कृति थी और यह पर्दे पर बेहतरीन तरीके से दिखाई गई। इसमें रणवीर ने जिस तरह मराठी उच्चारण को पकड़ा, उसकी तारीफ किए बिना कोई नहीं रह सका।

​पद्मावत

2018 में आई ‘पद्मावत’ में शाहिद कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह नजर आए। फिल्‍म के नाम, कहानी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में विरोध प्रदर्शन हुए। खुद संजय लीला भंसाली से लेकर फिल्‍म के ऐक्‍टर्स एक वर्ग के लोगों के निशाने पर आ गए। विवादों के बीच फिल्‍म सिनेमाघरों में पहुंची तो ऐक्‍टर्स की परफॉर्मेंस, भंसाली के डायरेक्‍शन और ‘एक दिल एक जान’, ‘घूमर’, ‘खलीबली’ जैसे गानों ने फैंस का दिल जीत लिया। इस फिल्‍म में राजस्‍थान की संस्‍कृति को शान-ओ-शौकत के साथ दिखाया गया।



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