Thursday, March 4, 2021

अंतरिक्ष से दिखी ऐमजॉन वर्षावनों के बीच बहती ‘सोने की नदी’, पीछे छिपा है काला सच

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स्पेस से ली गईं धरती की तस्वीरें अमूमन मंत्रमुग्ध करने वाली होती ही हैं लेकिन एक ताजा तस्वीर इससे कहीं ज्यादा है। इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन से ली गई इस तस्वीर में दिख रही है ‘सोने की नदी’। दरअसल, पेरू के ऐमजॉन क्षेत्र में मानो सोना बहता है और इसकी तस्वीरें अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के एक्सपीडिशन 64 में शामिल एक ऐस्ट्रोनॉट ने ली हैं। सूरज की रोशनी में इनामबारी नदी में सोना से भरे गड्ढे चमक उठते हैं और ये शानदार तस्वीर कैमरे में कैद हो जाती है। हालांकि, इस तस्वीर ने एक बार फिर पेरू में चल रहे एक काले धंधे की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है।

सामने आई ‘असली’ तस्वीर

आमतौर पर ISS से देखे जाने पर सोने का यह नजारा छिपा रहता है। या तो यहां बादल होते हैं या सूरज की रोशनी पर्याप्त नहीं होती। हालांकि, पिछले साल 24 दिसंबर को ली गईं ये तस्वीरें एकदम साफ दिखती हैं। ऐमजॉन वर्षावनों के गीले मौसम में सोने से भरे इन गड्ढों की झलक दिख रही है। पूरे इलाके में पानी से भरे ये गड्ढे मौजूद है। जंगल से निकले इन रास्तों में मिट्टी से भरे गड्ढे हैं जिनमें सोने का खनन स्वतंत्र मजदूर करते हैं जिन्हें Garimperos कहा जाता है। (फोटो: Cristobal Bouroncle/Pool via REUTERS)

गैर-कानूनी खनन

सूख चुकीं नदियों के तले में जमा सोने की खुदाई के लिए पेड़ काटे जाते हैं और फिर खनन किया जाता है। पेरू दुनिया में सोने का छठा सबसे बड़ा उत्पादक है। इसका दक्षिण-पूर्वी विभाग मादरे डे डियोस दुनिया की सबसे बड़ी सोने के स्वतंत्र खनन की इंडस्ट्री इस क्षेत्र में चलाता है। यहां लगभग हर परिवार के सदस्य ऐमजॉन नदी के किनारे गड्ढे खोदकर सोने की तलाश करते हैं। इस क्षेत्र में अवैध रूप से 30,000 से अधिक सोने के खनिक काम करते हैं। जो यहां के सरकारी नियमों के खिलाफ है। (फोटो: NASA)

जंगलों की अंधाधुंध कटाई का शिकार

हालांकि, यहां खनन की वजह से जंगल की अंधाधुंध कटाई होती है। यही नहीं, सोने के खनन के दौरान पारे (Mercury) से होने वाले प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता है। स्पेस से ली गई तस्वीर में दिख रहा नूइवा अरिकीपा का शहर पेरू और ब्राजील को जोड़ने वाली सड़क के बीच आता है। इस रास्ते को दोनों देशों के बीच व्यापार को बेहतर करने के लिए बनाया गया था। हालांकि, आरोप है कि इसके जरिए सतह पर खनन बढ़ गया है और पेड़ों की कटाई भी तेज हुई है। ऐसा करने से न केवल नदी की प्रवाह बाधित हुई है, बल्कि यहां के निवासियों के लिए भी संकट बढ़ गया है। पहले पेड़ों के कारण ऐमजॉन की बाढ़ में मिट्टी का कटाव कम होता था, अब तो यह नदी जिधर चाहती है उधर अपना रास्ता बना लेती है। Reuters/Ricardo Moraes



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