Wednesday, January 20, 2021

अपनी कुर्सी खतरे में और भारत-चीन पर ‘चौधरी’ बन रहे ओली, लद्दाख विवाद का करेंगे समाधान!

- Advertisement -


हाइलाइट्स:

  • नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत चीन विवाद की समाधान करने की इच्छा जताई
  • ओली ने भारत के ऊपर खुद को सत्ता से हटाने की साजिश करने का आरोप लगाया
  • राष्ट्रवाद का राग छेड़ ओली बोले-संप्रभुता पर भारत-चीन से समझौता नहीं

काठमांडू
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली फिर एक बार राष्ट्रवाद के सहारे लोगों के वोट हथियाने के फिराक में हैं। उन्होंने नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली की भारत यात्रा के ठीक पहले कहा कि उनका देश भारत और चीन से संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। बता दें कि ओली के कार्यकाल में नेपाल का नया नक्शा जारी किया गया था जिसमें भारत के लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को दिखाया गया था। वहीं, चीन ने हुमला में नेपाल की कई किलोमीटर जमीन पर अपना कब्जा किया हुआ है।

फिर कालापानी और लिपुलेख को बताया नेपाल का हिस्सा
WION न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान ओली ने कहा कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी के इलाके नेपाल का ही हिस्सा हैं। हम चीन या भारत के क्षेत्र पर दावे करने की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन, हम अपने मित्रों के साथ अपने क्षेत्रों पर दावा जरूर करेंगे। मेरा मानना है कि 2021 वह वर्ष होगा जब हम घोषणा करेंगे कि नेपाल और भारत के बीच कोई समस्या नहीं है।

भारत और चीन के बीच विवाद को खत्म कराने की पेशकश की
न्यूज चैनल के मुताबिक ओली ने भारत और चीन के बीच जारी विवाद का समाधान कराने की भी पेशकश की। ओली ने कहा कि अगर हम उनकी सहायता करने में मददगार साबित हो सकते हैं तो हम तैयार हैं। ओली ने पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराया।

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा-महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह हैं प्रचंड
भारत पर लगाया पद से हटाने की साजिश करने का आरोप
ओली ने यह भी दावा किया कि भारत के कुछ तत्व उन्हें पद से हटाने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन नेपाल की अंदरूनी राजनीति में चीन का हाथ होने से उन्होंने इंकार किया। उन्होंने चीन और भारत का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम अपनी स्वतंत्रता और अपने अंदरूनी मामलों में निर्णय की स्वतंत्रता को पसंद करते हैं और हम बाहरी हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं, उत्तर या दक्षिण से।’’

रस्सी जल गई, पर बल नहीं गया: नेपाल के पीएम ओली बोले- कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख भारत से वापस लेंगे
14 जनवरी को दिल्ली पहुंच रहे नेपाली विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली के 14 जनवरी को नई दिल्ली के दौरे से दो दिनों पहले उनका यह बयान आया है। द्विपक्षीय संबंधों में तनाव आने के बाद वह सबसे वरिष्ठ नेता हैं जो भारत के दौरे पर जा रहे हैं। ओली ने रविवार को कहा था कि नयी दिल्ली में ग्यावली की वार्ता सीमा मुद्दे पर केंद्रित होगी। कुछ ही दिन पहले ओली ने संसद के अधिवेशन में भारत से लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को लेने की कसमें खाई थी।



Source link

इसे भी पढ़ें

अमेरिका ने चीन को द‍िया बड़ा झटका, उइगर मुस्लिमों के साथ व्‍यवहार को ‘नरसंहार’ घोषित किया

वॉशिंगटन अमेरिका की डोनाल्‍ड ट्रंप सरकार ने जाते-जाते चीन को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शिंजियांग प्रांत में...

गोलू ने क्लास से बाहर फेंका बैग

मैडम (बच्चों से) - जो बच्चा मेरे सवाल का जवाब देगा,उसे मैं घर जाने दूंगी...गोलू ने तुरंत अपना बैग खिड़की के बाहर फेंक...
- Advertisement -

Latest Articles

अमेरिका ने चीन को द‍िया बड़ा झटका, उइगर मुस्लिमों के साथ व्‍यवहार को ‘नरसंहार’ घोषित किया

वॉशिंगटन अमेरिका की डोनाल्‍ड ट्रंप सरकार ने जाते-जाते चीन को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शिंजियांग प्रांत में...

गोलू ने क्लास से बाहर फेंका बैग

मैडम (बच्चों से) - जो बच्चा मेरे सवाल का जवाब देगा,उसे मैं घर जाने दूंगी...गोलू ने तुरंत अपना बैग खिड़की के बाहर फेंक...

IND vs AUS: जब 32 साल बाद पहली बार गाबा में हारी ऑस्ट्रेलिया, देखिए क्या कह रहा है वहां का मीडिया

हाइलाइट्स:भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई टेस्ट सीरीज की शुरुआत में अधिकतर लोगों को लग रहा था कि भारत इस बार जीत नहीं...