Thursday, February 25, 2021

इमरान खान के खिलाफ क्यों एकजुट हुए पाकिस्तानी मौलाना? बड़े प्रदर्शन की कर रहे तैयारी

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हाइलाइट्स:

  • पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के सामने खड़ी हुई एक और नई मुसीबत
  • पाकिस्तानी मौलानाओं ने मस्जिदों और कब्रगाहों पर कब्जे वाले कानून का किया विरोध
  • इमरान खान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में धार्मिक दल

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दिन आजकर अच्छे नहीं चल रहे हैं। संयुक्त विपक्ष से जूझ रहे इमरान को अब पाकिस्तान के मौलानाओं ने खुली चुनौती दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि वे सरकार के मस्जिदों और कब्रगाहों पर कब्जा करने की योजना के खिलाफ मरते दम तक विरोध करते रहेंगे। उन्होंने इसे लेकर एक कमेटी का भी गठन किया है, जिसमें पूरे पाकिस्तान के मौलाना और धार्मिक विद्वान शामिल हैं।

मस्जिदों और कब्रगाहों पर सरकारी कब्जे का कर रहे विरोध
दरअसल, ये सभी मौलाना पाकिस्तान सरकार के वक्फ अमलाक अधिनियम 2020 का विरोध कर रहे हैं। इस नीति के अंतर्गत पाकिस्तान सरकार जब चाहे तब किसी भी मस्जिद या कब्रगाह पर कब्जा दमा सकती है। जिसके बाद इमरान खान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मौलानाओं ने कहा है कि मस्जिदें और कब्रगाहें स्वतंत्र थीं स्वतंत्र हैं और स्वतंत्र रहेंगे। किसी को भी उनकी स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पूरे देश में आंदोलन करेंगे पाकिस्तानी मौलाना
डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौलानाओं का मूवमेंट अब पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है। इसे पाकिस्तान की कई विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन हासिल है। जिसमें विपक्षी पार्टियों के गुट पाकिस्तान डेमोक्रेटिक अलायंस के अध्यक्ष मौलाना फजलुर्रहमान की जमीयत उलेमा ए इस्लाम भी शामिल है। इसके अलावा भी पाकिस्तान की कई धार्मिक पार्टियां इस कानून के खिलाफ लामबंद हो गई हैं।

इमरान सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की तैयारी
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई मौलाना जहूर अहमद अल्वी, वफाकुल मदारिस अरबिया पाकिस्तान के पंजाब प्रमुख मौलाना काजी अब्दुर रशीद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में इमरान खान सरकार के खिलाफ मदरसों के शिक्षक, धार्मिक दलों के नेता और विपक्षी पार्टियां संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगी। जिसमें पाकिस्तान सरकार के इस कानून के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाएगा।

इस्लाम का राग अलापकर देश को गुमराह कर रहे इमरान
इमरान खान 2018 में सत्ता संभालने के बाद से ही इस्लाम के नाम पर अवाम को गुमराह करने की कोशिश में जुटे हैं। वे अक्सर अपने सेमिनारों और राजनीतिक भाषणों में इस्लाम की दुहाई देते और धर्म का लबादा ओढ़कर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में कहीं भी मुसलमानों की बात आती है तो इमरान खान सबसे ज्यादा मुखर रहते हैं।



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