Wednesday, June 16, 2021

मेहुल चोकसी के सिर पर बैग रखकर जबरन एंटीगा से डोमिनिका भेजा गया: वकील

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हाइलाइट्स:

  • मेहुल चोकसी के वकील का दावा है कि उनको डोमिनिका में ‘गैरकानूनी’ तरीके से लाया गया
  • इसकी वजह यह थी कि मेहुल चौकसी के पास यूके प्रिवी परिषद में अपील करने का विकल्प न हो
  • चोकसी का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी टीम का हिस्सा रहने वाले माइकल पोलक ने दावा किया

लंदन
हाल में डोमिनिका में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील का दावा है कि उनको एंटीगा और बारबुडा से डोमिनिका में ‘गैरकानूनी’ रूप से ले जाया गया। इसकी वजह ये थी कि मेहुल चौकसी के पास यूके प्रिवी परिषद में अपील करने का विकल्प न हो। चोकसी का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी टीम का हिस्सा रहने वाले माइकल पोलक ने यह दावा किया है।

पोलक ने बताया कि उनकी टीम ने इस आधार पर यूके की मेट्रोपॉलिटन पुलिस की युद्ध अपराध इकाई के पास इस मामले की शिकायत भी दर्ज की है कि चोकसी को प्रताड़ित किया गया। चोकसी के मामले को ‘कानून के शासन और बुनियादी अधिकारों का घोर उल्लंघन’ बताते हुए, पोलक ने कहा, ‘चोकसी के साथ जो हुआ है वह भयानक है। उसे एक संपत्ति का लालच देकर उसका अपहरण कर लिया गया। उसके सिर पर एक बैग रखा गया, उसकी पिटाई की गई और जबरन नाव पर चढ़ाकर अवैध रूप से दूसरे देश में भेज दिया गया।’

‘लंदन में प्रिवी काउंसिल में अपील कर सकते हैं’
पोलक ने कहा, ‘एंटीगा में लोगों का इसका अधिकार है कि वो लंदन में प्रिवी काउंसिल में अपील कर सकते हैं। लेकिन डोमिनिका में उसके पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है । हालांकि, अभी तक अपहरण के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो सका है।’ उन्होंने आगे दावा किया कि उनके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि अप्रैल 2021 में बारबरा जराबिका और घटना में शामिल अन्य लोगों ने चोकसी का ‘अपहरण या अपहरण के एक असफल प्रयास’ की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि चोकसी को वापस एंटीगा के पास लौटा दिया जाना चाहिए।

अपहरण के प्रयास का विवरण देते हुए, पोलक ने कहा कि 23 मई को अपने अवास पर चोकसी को बुलाने वाली जबरिका ने अपने मकान मालिक से पूछा था कि क्या उनके घर के पीछे बोट खड़ी करने की सुविधा है? जबरिका और प्रॉपर्टी मालिक के बीच चैट को दिखाते हुए, पोलक ने कहा कि उन्होंने नावों के लिए डॉकिंग जगह के बारे में पुष्टि मिलने के बाद दो मकान के आस-पास की संपत्तियों को लेने पर चर्चा की थी। पोलक ने आरोप लगाया कि एक संपत्ति का इस्तेमाल उसके साथ के लोगों ने किया, जो अपहरण टीम का हिस्सा थे।

‘हीरा व्यापारी को डोमिनिका में कानूनी सुरक्षा तक पहुंच नहीं’
वकील ने यह भी दावा किया कि चोकसी के अपहरण के तुरंत बाद, जबरिका शाम 7.26 बजे एक निजी विमान में एंटीगा और बारबुडा से डोमिनिका के लिए रवाना हुई क्योंकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थी। पोलक ने यह भी तर्क दिया कि चोकसी एंटीगा के नागरिक हैं और उसकी नागरिकता छीनने या उसे भारत प्रत्यर्पित करने के किसी भी कदम के खिलाफ प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति में अपील की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हीरा व्यापारी को डोमिनिका में इस कानूनी सुरक्षा तक पहुंच नहीं होगी।

पोलक द्वारा यूके मेट्रोपॉलिटन पुलिस में दायर एक शिकायत में कहा गया है कि चोकसी के मामले की जांच युद्ध अपराध इकाई द्वारा की जानी चाहिए, क्योंकि इसमें ‘यातना’ शामिल है। वकील ने कहा, ‘मेट्रोपॉलिटन पुलिस की युद्ध अपराध इकाई जहां कहीं भी होती है, युद्ध अपराधों, यातना और नरसंहार की जांच करती है।’ जांच में अंतिम फैसला मेट्रोपॉलिटन पुलिस और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस का होगा। 7 जून को मेट्रोपॉलिटन पुलिस में दर्ज पोलक की शिकायत के अनुसार, चोकसी को कथित तौर पर जराबिका ने बहकाया और फिर कई लोगों द्वारा हमला करके उसे एक नाव में डोमिनिका ले जाया गया।

13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में वांछित
शिकायत में यह भी बताया गया है कि जराबिका और इस घटना में कथित रूप से शामिल तीन लोग हैं- सेंट किट्स एंड नेविस राष्ट्रीय गुरदीप बाथ, गुरमीत सिंह और गुरजीत सिंह भंडाल, ये सभी लोग यूके के निवासी हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रक्रिया मेट्रोपॉलिटन पुलिस के पास है और हम उन्हें अपनी जांच करने देंगे। हम कहते हैं कि इस मामले में यातना के सबूत हैं।’चोकसी, जो 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में ओंडियन में वांछित है, 23 मई को एंटीगुआ से लापता हो गया था।

चोकसी की बड़े पैमाने पर तलाशी की गई थी। कथित तौर पर उसे 26 मई को डोमिनिका में पकड़ा गया था। चोकसी पर डोमिनिका में अवैध रूप से घुसने का आरोप है। हालांकि, डोमिनिकन हाई कोर्ट ने चोकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी है। 13,500 करोड़ रुपये के मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा हीरा व्यापारी भारत में वांछित है। उसने 2017 में एंटीगा की नागरिकता ले ली थी और मामला सामने आने से एक दिन पहले 4 जनवरी 2018 को भारत छोड़ दिया था।



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