Saturday, February 27, 2021

Asteroid Apophis: धरती के करीब से गुजरेगा ‘तबाही का देवता’, टकराया तो महाप्रलय न‍िश्चित, ऐसे देखें लाइव

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‘तबाही का देवता’ कहे जाने वाला ऐस्‍टरॉइड अपोफिस (Asteroid Apophis) अगले महीने धरती के करीब से गुजरने जा रहा है। यह महाविनाशक ऐस्‍टरॉइड सोलर सिस्‍टम में मौजूद सबसे खतरनाक चट्टानों में से एक माना जाता है। हवाई विश्‍वविद्यालय के खगोलविदों ने कहा है कि यह ऐस्‍टरॉइड तेजी से गति पकड़ रहा है और अगले 48 सालों में यह पृथ्‍वी से टकरा सकता है। हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है, फिर से भी नासा के वैज्ञानिक इसके हर कदम पर नजर रख रहे हैं। करीब 370 मीटर चौड़ा यह ऐस्‍टरॉइड कितना शक्तिशाली है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह अगर पृथ्‍वी से टकराता है तो 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा। आइए जानते हैं कि कैसे इस ऐस्‍टरॉइड को धरती से देखा जा सकता है….

​धरती के इतने करीब से गुजरेगा तबाही का देवता

महाप्रलय लाने वाले इस ऐस्‍टरॉइड नाम अपोफिस है। यूनानी भाषा में इसका अर्थ होता है तबाही का देवता। ऐस्‍टरॉइड अपोफिस अगले महीने धरती से करीब 1 करोड़ 60 लाख लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। इतनी दूरी से गुजरने के कारण ऐस्‍टरॉइड का परिक्रमा पथ प्रभावित नहीं होगा। ऐस्‍टरॉइड अपोफिस को टेलीस्‍कोप से आसानी से देखा जा सकेगा। यह विशालकाय चट्टान वर्ष 2029 में पृथ्‍वी के इससे भी ज्‍यादा करीब से गुजरेगी। हवाई यूनिवर्सिटी के खगोलविद डेविड थोलेन ने कहा कि सुबारू टेलिस्‍कोप से मिले डेटा के आधार पर खुलासा हुआ है कि अपोफिस बहुत तेजी से गति पकड़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि डेटा से पता चला है कि ऐस्‍टरॉइड वर्ष 2068 में पृथ्‍वी से टकरा सकता है। हालांकि इसकी संभावना 5 लाख में एक ही है। वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी यह पृथ्‍वी से टकराएगा या नहीं इसका ठीक-ठीक पता वर्ष 2029 में चल सकेगा। हालांकि अमेरिकन एस्‍ट्रोनॉमिकल सोसायटी की ओर से जारी बयान में चेतावनी दी गई है कि यह ऐस्‍टरॉइड धरती से टकरा सकता है। वैज्ञानिक इसकी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं।

​ऐस्‍टरॉइड अपोफिस को इस तरह से देखें लाइव

अंतरिक्ष के सबसे खतरनाक चट्टानों में शुमार ऐस्‍टरॉइड अपोफिस को अगले महीने पृथ्‍वी के करीब से गुजरते हुए लाइव देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक 6 मार्च को यह ऐस्‍टरॉइड पृथ्‍वी के पास से गुजरेगा और वर्चुअल टेलिस्‍कोप प्रॉजेक्‍ट पर 24 घंटे ऐस्‍टरॉइड अपोफिस के गुजरने का लाइव प्रसारण किया जाएगा। यह प्रसारण तब तक जारी रहेगा जब तक कि यह ऐस्‍टरॉइड धरती के पास से गुजर नहीं जाता। वर्चुअल टेलिस्‍कोप प्रॉजेक्‍ट ने एक बयान जारी करके कहा, ‘अब तक का सबसे चर्चित और खतरनाक ऐस्‍टरॉइड अपोफिस 6 मार्च को धरती के करीब आएगा। हम इसके वर्ष 2029 में धरती के सबसे करीब आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन 6 मार्च को इसके पृथ्‍वी के पास से गुजरने का लाइव प्रसारण करेंगे। आप इसे आसानी से अपने घर पर बैठकर देख सकते हैं।’ अपोफिस ऐस्‍टरॉइड की खोज एरिजोना की वेधशाला ने 19 जून, 2004 को की थी। इसके बाद से इस ऐस्‍टरॉइड पर वैज्ञानिकों की नजर है।

​पृथ्‍वी से टकराई 27 अरब किलो की चट्टान तो महाप्रलय तय

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वैज्ञानिकों का कहना है कि 27 अरब किलोग्राम की यह चट्टान पृथ्‍वी से टकराई तो प्रलय निश्चित है। इससे एक मील चौड़ा और 518 मीटर गहरा गड्ढा धरती में बन सकता है। इसके टकराने पर 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा जो हिरोश‍िमा पर गिराए गए परमाणु बम की तुलना में 65 हजार गुना ज्‍यादा भयानक असर होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्ष 2029 में यह ऐस्‍टरॉइड अगर केवल ठीक-ठीक दूरी से गुजरता है तो पृथ्‍वी की गुरुत्‍वाकर्षण शक्ति इसका रास्‍ता बदल देगी और यह वर्ष 2068 में वापस आएगा और 12 अप्रैल 2068 को पृथ्‍वी से टकरा सकता है। शोधकर्ताओं ने अपोफिस को इस साल सुबारू टेलिस्‍कोप के जरिए पता लगाया और विश्‍लेषण के बाद पाया कि इसने गति पकड़ ल‍िया है। इसमें पाया गया कि ऐस्‍टरॉइड सूर्य की रोशनी में गरम हो रहा है। खगोलविदों ने कहा कि इस ऐस्‍टरॉइड के वर्ष 2068 में टकराने की पूरी संभावना है। नासा ने इस ऐस्‍टरॉइड को तीसरा सबसे बड़ा खतरा करार दिया है।

​मूंगफली की तरह आकार ले रहा ऐस्‍टरॉइड अपोफिस

अपोफिस ऐस्‍टरॉइड निकेल और लोहा से बना है तथा रेडॉर इमेज से पता चलता है कि यह लगातार लंबा हो रहा है। इसका आकार अब मूंगफली की तरह से होता जा रहा है। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि अभी और ज्‍यादा व‍िश्‍लेषण की जरूरत है। वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह धरती से वर्ष 2068 में टकराएगा या नहीं। इससे पहले के शोध में कहा जा रहा था कि इस ऐस्‍टरॉइड के टकराने की संभावना केवल 2.7 प्रतिशत ही है। हालांकि अब इस नई आशंका से वैज्ञानिकों की टेंशन बढ़ गई है। तबाही का देवता अपोफिस फ्रांस के एफिल टावर से आकार में बड़ा है। NASA का Sentry सिस्टम ऐसे खतरों पर पहले से ही नजर रखता है। इसमें आने वाले 100 सालों के लिए फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके पृथ्वी से टकराने की थोड़ी सी भी संभावना है। बता दें कि 2013 में रूस के चेल्याबिंस्क में एक उल्का विस्फोट हुआ था। तब एक बड़े से ऐस्टरॉइड ने धरती के सतह पर गड्ढा बना दिया था। 1908 में, साइबेरिया के तुंगुस्का में भी एक ऐस्टरॉइड ने हिट किया था।



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