Thursday, February 25, 2021

Black Hole: सितारों के गुच्छे के बीच उलझे मिले कई छोटे-छोटे ब्लैक होल, खोलेंगे ब्रह्मांड की रहस्यमय आवाज का राज?

- Advertisement -


सितारों के एक क्लस्टर के बीच ब्लैकहोल खोज रहे वैज्ञानिकों को वहां कुछ और ही मिल गया है। NGC 6397 के बीच वैज्ञानिकों को कई छोटे-छोटे ब्लैक मिले हैं। NASA/ESA के हबल टेलिस्कोप से मिले डेटा के आधार पर अब वैज्ञानिक इसे स्टडी कर रहे हैं। यह Globular Cluster सितारों का ऐसा गुच्छा है जिसमें ये सभी काफी करीब होते हैं। इनमें से ज्यादातर बेहद पुराने होते हैं। माना जाता है कि NGC 6397 ब्रह्मांड की शुरुआत में ही पैदा हो गया था। यह खोज न सिर्फ ब्लैक होल की जानकारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी बल्कि हाल ही में पहेली बनीं गुरुत्वाकर्षण तरंगों से जुड़े सवालों के जवाब भी दे सकती है।

गुच्छे में ढूंढ रहे थे क्लू

यह हमारी धरती से सबसे करीब सिर्फ 7800 प्रकाश वर्ष दूर पर स्थित है। इसके घने न्यूक्लियस (केंद्र) की वजह से इसे Core-Collapsed Cluster कहते हैं। फ्रांस के वैज्ञानिकों एडवर्डो विखाल और गैरी ए मैमन ने इसे स्टडी करना शुरू किया तो उन्हें उम्मीद थी कि इसके केंद्र में बीच के द्रव्यमान का ब्लैक होल (Intermediate mass black hole) दिखेगा। ऐसे ब्लैक होल महाविशाल ब्लैक होल (SMBH) से छोटे होते हैं लेकिन किसी विशाल सितारे के मरने से पैदा हुए Stellar Black hole से बड़े होते हैं।

अनदेखे ब्लैक होल मुमकिन?

इनकी मौजूदगी पर संशय बना हुआ है लेकिन ऐसे कुछ ब्लैक होल मिले भी हैं। इन्हें ब्लैक होल के विकास की खोई हुई कड़ी माना जाता है। इनकी खोज के लिए दोनों वैज्ञानिकों ने सितारों की जगह और गति (Velocity) देखी। अनैलेसिस में संकेत मिले कि सितारों की कक्षा किसी पैटर्न में नहीं है। उनके मुताबिक इस बात के सबूत हैं कि क्लस्टर के बीच में अनदेखा Mass है लेकिन यह देखकर वे हैरान रह गए कि यह एक पॉइंट जैसा नहीं बल्कि क्लस्टर के कुछ प्रतिशत हिस्से में है।

यहां छिपे हैं ब्लैक होल

माना जा रहा है कि यह अनदेखा हिस्सा विशाल तारों से बने सफेद बौने तारों, न्यूट्रॉन सितारों और ब्लैक होल से बना हो सकता है जिनके अंदरूनी क्षेत्र अपनी ही ग्रैविटी में ढह गए। ये सभी क्लस्टर के केंद्र में आ गए। उन्होंने संभावना जताई है कि इस अनदेखे हिस्से में ब्लैक होल हैं न कि ऐसे सितारे जिन्हें देखा नहीं जा सकता। हाल ही में दो और थिअरी में ऐसा दावा किया गया था कि सितारों के मरने पर बचे हुए हिस्से, खासकर ब्लैक होल ऐसे समूहों के अंदरूनी क्षेत्रों में हो सकते हैं।

यहीं से आई थी ‘ब्रह्मांड की आवाज’?

ऐस्ट्रोनॉमर्स ने इस बात की संभावना भी जताई है कि इस क्लस्टर में मौजूद ब्लैक होल के विलय से निकलने वाली गुरुत्वाकर्षण किरणें LIGO (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी) एक्सपेरिमेंट ने डिटेक्ट की थीं जिनकी तुलना ‘Hum’ की आवाज (Sound of universe) से की गई थी। दरअसल, एक स्टडी में दावा किया गया था कि LIGO से मिले सिग्नल के आधार पर अब तक छिपी एक अलग तरह की गुरुत्वाकर्षण तरंग (Gravitational Wave) से जुडे़ सवालों के जवाब मिलता दिख रहा है। इसमें संभावना जताई गई थी कि इन तंरगों का स्रोत एक महाविशाल ब्लैक होल हो। इन तरंगों के आधार पर दो ब्लैक होल्स के विलय से लेकर बिग बैंग के ठीक बाद पैदा हुई तरंगों तक के बारे में आगे चलकर पता लगाया जा सकता है।



Source link

इसे भी पढ़ें

Facebook, Google को लगा बड़ा झटका, मीडिया कंपनियों को चुकाने होंगे पैसे

हाइलाइट्स:ऑस्ट्रेलिया ऐसा कानून लाने वाला पहला देश बनाफेसबुक ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ कॉन्टेन्ट बैन कर दिया थाकंपनियों को सरकार द्वारा...
- Advertisement -

Latest Articles

Facebook, Google को लगा बड़ा झटका, मीडिया कंपनियों को चुकाने होंगे पैसे

हाइलाइट्स:ऑस्ट्रेलिया ऐसा कानून लाने वाला पहला देश बनाफेसबुक ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ कॉन्टेन्ट बैन कर दिया थाकंपनियों को सरकार द्वारा...

Maruti Swift नई Vs पुरानी: किसमें कितना दम

नई दिल्लीMaruti Suzuki ने बीत बुधवार को अपनी अपडेटेड स्विफ्ट हैचबैक लॉन्च की। कार की शुरुआती कीमत 5.73 लाख रुपये है। नए मॉडल...

India vs England- सुनील गावस्कर ने कहा, ‘ऐसे आउट होने से लगेगी शुभमन के आत्मविश्वास को ठेस’

अहमदाबादशुभमन गिल (Shubman Gill) ने ऑस्ट्रेलिया में अपने टेस्ट करियर का आगाज तो अच्छा किया लेकिन उसके बाद से वह ज्यादा रन नहीं...