Tuesday, March 2, 2021

Hypersonic Missile: अमेरिका ने बनाई ‘महाविध्वंसक’ हाइपरसोनिक मिसाइल, 6174 किमी प्रति घंटा है रफ्तार

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चीन से बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने एक नई हाइपरसोनिक मिसाइल को विकसित किया है। यह मिसाइल एक घंटे में 6 हजार किलोमीटर से भी अधिक की दूरी तय करने में सक्षम है। इसे जल्द ही अमेरिकी सेना में शामिल भी किया जा सकता है। जिसे लेकर आर्मी की एक खास यूनिट को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। अमेरिकी मीडिया में दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल Mayhem हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी सेना की रैपिड कैपिबिलिटिज एंड क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज ऑफिस के डॉयरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल एल नील थर्गुड ने दावा किया है कि यह मिसाइल सितंबर तक सेना में कमीशन कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि अपने परीक्षणों के दौरान मिसाइल ने सभी मानकों को पूरा किया है।

इसलिए खतरनाक है अमेरिका की यह हाइपरसोनिक मिसाइल

लेफ्टिनेंट जनरल एल नील थर्गुड ने कहा कि हाइपरसोनिक हथियार भविष्य के युद्ध को काफी हद तक बदलने की क्षमता रखता है। इसलिए, इन मिसाइलों की काबिलियत को देखते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय इनके विकास पर जोर दे रहा है। यह हाइपरसोनिक मिसाइल 5 मैक से ज्यादा की स्पीड पर उड़ान भरने में सक्षम है। इसका मतलब है कि यह मिसाइल एक सेकेंड में लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका उड़ान पथ है। यह निश्चित पथ पर न बढ़कर उसे कभी भी चेंज कर सकती है। इस कारण ऐसी मिसाइल को डिटेक्ट करना किसी भी एंटी मिसाइल सिस्टम के लिए आसान नहीं होगा। हाई स्पीड पर उड़ने के कारण रडार भी इसकी वास्तविक लोकेशन का पता नहीं लगा पाएगें।

अमेरिका को चीन की DF-17 मिसाइल से है खतरा

-df-17-

अमेरिका को चीन की डीएफ-17 हाइपरसोनिक मिसाइल से खतरा है। इस कारण वह अपनी मिसाइल डिफेंस टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की कोशिशों में जुटा है। यह हाइपरसोनिक मिसाइल लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने में माहिर है। ऐसे में अगर चीन हमला करता है तो अमेरिका को गुआम या जापान में मौजूद अपने बेस की सुरक्षा के लिए तगड़े इंतजाम करने पड़ेंगे। चीन की DF-17 मिसाइल 2500 किलोमीटर दूर तक हाइपरसोनिक स्पीड से अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इस मिसाइल को पहली बार पिछले साल चीन की स्थापना के 70वें वर्षगांठ के अवसर पर प्रदर्शित किया गया था। यह मिसाइल 15000 किलोग्राम वजनी और 11 मीटर लंबी है, जो पारंपरिक विस्फोटकों के अलावा न्यूक्लियर वॉरहेड को भी लेकर जा सकती है। सरल भाषा में कहें तो यह मिसाइल परमाणु हमला करने में भी सक्षम है।

क्या होती हैं हाइपरसोनिक मिसाइलें

हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की रफ्तार (1235 किमी प्रतिघंटा) से कम से कम पांच गुना तेजी से उड़ान भर सकती है। ऐसी मिसाइलों की न्यूनतम रफ्तार 6174 किमी प्रतिघंटा होती है। ये मिसाइलें क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल दोनों के फीचर्स से लैस होती हैं। लॉन्चिंग के बाद यह मिसाइल पृथ्वी की कक्षा से बाहर चली जाती है। जिसके बाद यह टारगेट को अपना निशाना बनाती है। तेज रफ्तार की वजह से रडार भी इन्हें पकड़ नहीं पाते हैं।

हाइपरसोनिक मिसाइल को क्यों माना जाता है खतरनाक

आम मिसाइलें बैलस्टिक ट्रैजेक्‍टरी फॉलो करती हैं। इसका मतलब है कि उनके रास्‍ते को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इससे दुश्‍मन को तैयारी और काउंटर अटैक का मौका मिलता है जबकि हाइपरसोनिक वेपन सिस्‍टम कोई तयशुदा रास्‍ते पर नहीं चलता। इस कारण दुश्‍मन को कभी अंदाजा नहीं लगेगा कि उसका रास्‍ता क्‍या है। स्‍पीड इतनी तेज है कि टारगेट को पता भी नहीं चलेगा। यानी एयर डिफेंस सिस्‍टम इसके आगे पानी भरेंगे।

INF संधि रद्द होने के बाद बढ़ी मिसाइल बनाने की होड़

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अमेरिका द्वारा 30 साल पुरानी इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस (आईएनएफ) संधि से खुद को अलग कर लेने के बाद दुनियाभर में हाइपरसोनिक मिसाइलों को बनाने की होड़ मच गई है। संधि से अलग होने के एक सप्ताह बाद ही 20 अगस्त को अमेरिका ने 500 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली एक क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर रूस को नाराज कर दिया था। जिसके जवाब में उसने दिसंबर 2019 में ध्वनि से गति से 27 गुना ज्यादा तेज अवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइल को अपनी सेना में शामिल किया था।



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