Saturday, December 5, 2020

Nuremberg Trials: 75 साल पहले जब पहली बार कठघरे में खड़े किए गए थे युद्ध के दोषी

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बर्लिन
करीब 75 साल पहले न्यूरमबर्ग पैलेस ऑफ जस्टिस के कोर्टरूम 600 का डॉक 20वीं सदी की सबसे कुटिल हस्तियों से भरा था। इनमें हरमन गोइरिंग, रुडॉल्फ हेस, होआचिम वॉन रिबेनट्रॉप और 18 हाई-रैंकिंग नाजी थे। इन्हें अब तक जंग के अपराधियों का दर्जा नहीं मिला था। यह एक ऐसा चार्ज था जो 20 नवंबर, 1945 को शुरू हुए न्यूरमबर्ग ट्रायल से पहले नहीं था। अब इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का जन्मस्थान माना जाता है।

इसके बाद ही सरकारी नेताओं के खिलाफ लाखों मासूमों के खिलाफ आक्रोश और हत्या की जिम्मेदारी तय की गई थी। न्यूरमबर्ग की वह शहर था जहां अडोल्फ हिटलर ने नाजी पार्टी की रैलियों की समीक्षा की थी और 1953 के नस्लभेदी कानून बनाए थे जिनके बाद होलोकॉस्ट पैदा हुआ था।

नाजी पार्टी का सच
फिल्ममेकर लेनी राइफनस्टाल की मशहूर प्रॉपगैंडा मूवी ‘Triumph of the Will’ में 1934 की न्यूरमबर्ग नाजी पार्टी कांग्रेस पर रोशनी डाली गई। इसमें इस्तेमाल किए गए फुटेज में उच्चस्तरीय अधिकारी भारी भीड़ से बात करते हुए दिखे। परेड ग्राउंड के पास नाजियों के शुरू किए गए कांग्रेस हॉल को कभी पूरा नहीं किया गया। आज वह न्यूरमबर्ग इतिहास के बारे में दस्तावेजों के केंद्र का काम करता है।

करीब 2018 दिन चले ट्रायल में कई सौ गवाहों की गवाही ली गई। चीफ अमेरिकी वकील रॉबर्ट जैकसन और उनके साथियों ने जर्मनी की साजिश को दुनिया के सामने लाने का काम किया। 1 अक्टूबर, 1946 को हिटलर के एयरफोर्स चीफ गोइरिंग को 11 अन्य के साथ मौत की सजा दे दी गई। इनमें से एक मार्टिन बॉरमन की बर्लिन में मौत हो गई जबकि 7 को जेल की सजा मिली और 3 को बरी कर दिया गया।

कैसे हुआ अंत
15 दिन बाद कोर्टरूम के पास जेल में फांसी दे दी गई। गोइरिंग ने एक दिन पहले ही जहर खाकर जान दे दी थी। न्यूरमबर्ग में इस घटना को याद करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक वॉल्टर स्टीनमीर गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे। कोरोना वायरस के प्रतिबंध के कारण आम लोग इसमें शरीक नहीं हो सकेंगे लेकिन लाइव ब्रॉडकास्ट देख सकेंगे।



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