Wednesday, April 14, 2021

खाली होने के बावजूद नहीं दी थी लोअर बर्थ, अब रेलवे को देना पड़ेगा 3 लाख रुपये हर्जाना

- Advertisement -


हाइलाइट्स:

  • ट्रेन में लोअर बर्थ उपलब्ध होने के बावजूद एक बुजुर्ग व दिव्यांग दंपत्ति को न दिए जाने के 10 साल से ज्यादा पुराने मामले में फैसला आया है।
  • दंपत्ति ने टीटीई से लोअर बर्थ देने का आग्रह किया लेकिन टीटीई ने लोअर बर्थ नहीं दी।
  • दंपत्ति ने रेलवे पर लापरवाही और सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए मुआवजा मांगा था।

नई दिल्ली
ट्रेन में लोअर बर्थ (Lower Berth) उपलब्ध होने के बावजूद एक बुजुर्ग व दिव्यांग दंपती को न दिए जाने के 10 साल से ज्यादा पुराने मामले में फैसला आया है। फैसले में लापरवाही के लिए रेलवे (Indian railways) को 3 लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रेलवे को यह आदेश जारी किया है। रेलवे की लापरवाही का यह मामला सितंबर 2010 का है। 4 सितंबर 2010 को बुजुर्ग दंपती ने सोलापुर से बिरूर जाने के लिए थर्ड एसी (3AC) में दिव्यांग कोटे से सीट आरक्षित कराई क्योंकि दंपती में एक व्यक्ति दिव्यांग था। उन्हें रेलवे से लोअर बर्थ आवंटित नहीं हुआ। दंपती ने टीटीई से लोअर बर्थ देने का आग्रह किया लेकिन टीटीई ने लोअर बर्थ नहीं दी। कुछ समय उन्हें ट्रेन में सीट के पास नीचे बैठकर यात्रा करनी पड़ी और बाद में एक यात्री ने उन्हें अपनी लोअर बर्थ दे दी।

इसके अलावा दंपती ने कोच अटेंडेंट (Coach Attendant) और टीटीई (TTE) से कहा था कि बिरूर स्टेशन आने पर उन्हें बता दें। टिकट के मुताबिक ट्रेन सुबह तड़के पहुंचनी थी। लेकिन गंतव्य स्टेशन बिरूर से करीब सौ किलोमीटर पहले ही चिकजाजुर में उन्हें उतार दिया गया, जिससे उन्हें बेहद असुविधा हुई।

6 लोअर बर्थ थीं खाली
लोअर बर्थ उपलब्ध न कराने और गंतव्य से करीब सौ किलोमीटर पहले उतारने को लेकर बुजुर्ग दंपती ने रेलवे के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। दंपती की ओर से रेलवे के खिलाफ की गई शिकायत में कहा गया था कि ट्रेन चलते समय कोच में छह लोअर बर्थ खाली होने के बावजूद टीटीई ने उन्हें लोअर बर्थ नहीं दी। उन्होंने रेलवे पर लापरवाही और सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए मुआवजा मांगा था।

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार का हाइवे निर्माण में नया रिकॉर्ड, गडकरी ने बताया रोज कितने किलोमीटर बन रहे

क्या कहता है रेलवे का नियम
रेलवे के नियमों के मुताबिक, सीनियर सिटीजन और 45 साल या इससे ज्यादा उम्र की महिला यात्रियों ने ट्रेन में सीट को लेकर कोई पसंद व्यक्त नहीं भी की है तो भी कंप्यूटराइज्ड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में लोअर बर्थ सीनियर सिटीजन और 45 साल या इससे ज्यादा उम्र की महिला यात्रियों को ऑटोमेटिकली अलॉट करने का प्रावधान है। हालांकि यह बुकिंग के वक्त लोअर बर्थ की उपलब्धता पर निर्भर करता है।

लेकिन ट्रेन चलने के बाद अगर लोअर बर्थ खाली हैं और ट्रेन में कोई दिव्यांग, सीनियर सिटीजन या गर्भवती महिला सफर कर रही है और इन्हें अपर/मिडिल बर्थ अलॉट हुई है तो वे खाली पड़ी लोअर बर्थ पाने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ से अपील कर सकते हैं। ट्रेन में चल रहे टिकट चेकिंग स्टाफ (Checking Staff) के पास यह अधिकार है कि वह जरूरतमंद लोगों को लोअर बर्थ अलॉट कर दे और चार्ट में जरूरी एंट्री कर दे।

जिला उपभोक्ता फोरम और राज्य आयोग से भी दंपती के हक में फैसला
इस मामले में पहले जिला उपभोक्ता फोरम ने रेलवे को घोर लापरवाही और सेवा में कमी का जिम्मेदार ठहराते हुए 3,02,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही 2,500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने का आदेश दिया। लेकिन रेलवे ने आदेश के खिलाफ राज्य आयोग में अपील की और कहा कि फोरम का फैसला सही नहीं है। सीट कंप्यूटराइज्ड आरक्षित होती है और स्थान के हिसाब से कोटा लगता है। टीटीई सीट नहीं दे सकता।

लेकिन राज्य आयोग ने रेलवे की अपील खारिज करते हुए कहा कि टीटीई का यात्रियों के प्रति कर्तव्य होता है, विशेषकर वरिष्ठ यात्रियों के प्रति। लेकिन टीटीई ने इस पर ध्यान नहीं दिया कि कौन रात में ट्रेन से उतर रहा है, यह घोर लापरवाही है। ऐसे लोगों की नियोक्ता होने के चलते रेलवे अपने कर्मचारियों के इस आचरण के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पहुंचा। लेकिन राष्ट्रीय आयोग ने भी रेलवे की याचिका खारिज करते हुए मुआवजा देने के जिला उपभोक्ता फोरम और राज्य उपभोक्ता फोरम के आदेश को सही ठहराया।

Mobile Laptop charging in Train: अब रेलयात्री रात में चार्ज नहीं कर सकेंगे अपना मोबाइल या लैपटॉप!



Source link

इसे भी पढ़ें

S-400 Missile System India: भारत को नवंबर से शुरू होगी S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी, अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

हाइलाइट्स:भारत को इस साल नवंबर से मिलने लगेगा रूसी एस-400 मिसाइल सिस्टमरूस के साथ हथियारों की डील पर अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनी का...
- Advertisement -

Latest Articles

S-400 Missile System India: भारत को नवंबर से शुरू होगी S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी, अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

हाइलाइट्स:भारत को इस साल नवंबर से मिलने लगेगा रूसी एस-400 मिसाइल सिस्टमरूस के साथ हथियारों की डील पर अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनी का...

ये हैं मार्केट में मौजूद बेस्ट Chromebook, जानें फीचर्स और कीमत

हाइलाइट्स:अपने लिए खरीदिए बेस्ट क्रोमबुकजानिए कौन से क्रोमबुक हैं बेस्टहर रेंज में मिलेंगे धांसू क्रोमबुकनई दिल्लीअगर आप कोई नया क्रोमबुक खरीदने के बारे...