Friday, March 5, 2021

भारत के एक और करीबी पर चीन डाल रहा डोरे, ड्रैगन की चाल बेनकाब करने बांग्‍लादेश रवाना हुए वायुसेना प्रमुख

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हाइलाइट्स:

  • पाकिस्‍तान, नेपाल के बाद अब बांग्‍लादेश पर टिकीं चीन की नजरें
  • कई इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रॉजेक्‍ट्स को फंड करने का ड्रैगन ने दिया ऑफर
  • वायुसेना प्रमुख के बांग्‍लादेश दौर में कई अहम मसलों पर होगी चर्चा
  • 1971 के 50 साल, डिफेंस एक्‍सपोर्ट पर बात कर सकते हैं IAF चीफ

नई दिल्‍ली
चीन की कोशिश भारत के अन्‍य पड़ोसियों को अपने पाले में करने की है। नेपाल के बाद उसकी नजर अब बांग्‍लादेश पर है। इसी रणनीति के तहत जब भारत और बांग्‍लादेश तीस्‍ता नदी का मसला सुलझाने की ओर बढ़ रहे हैं, चीन ने उसी पर एक सिंचाई प्रॉजेक्‍ट के लिए 1 बिलियन डॉलर देने का ऑफर दिया है। दूसरी तरफ पाकिस्‍तान भी बांग्‍लादेश के साथ अपने रिश्‍तों को सुधारने की कोशिश में है।

इन सबके बीच भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया सोमवार को बांग्लादेश की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। वायुसेना ने बताया कि अपनी चार दिवसीय इस यात्रा के दौरान वह बांग्लादेश की वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और वहां के प्रमुख अड्डों का दौरा करेंगे।
बांग्लादेश में भदौरिया के समकक्ष एयर चीफ मार्शल मसीहुज्ज़मां सेरनियाबत इस महीने की शुरुआत में भारत आए थे।

भारतीय वायु सेना ने कहा कि यात्रा के दौरान वे साझा हितों वाले क्षेत्रों में हुई प्रगति पर चर्चा करेंगे तथा परस्पर सैन्य सहयोग और बढ़ाने के तरीकों का पता लगाएंगे। भदौरिया अपने इस दौरे पर स्‍वदेशी डिफेंस इक्विपमेंट्स के एक्‍सपोर्ट पर भी बात कर सकते हैं। उनकी बांग्लादेश यात्रा ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश और भारतीय सशस्त्र बल 1971 की जीत के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

चीन से बढ़ रही बांग्‍लादेश की नजदीकी
शेख हसीना के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्‍लादेश के तेवर जरा बदले हैं। अब वह चीन के इन्‍फ्रा प्रॉजेक्‍ट्स को तवज्‍जो दे रहा है। पिछले साल बांग्लादेश ने सिलहट में एयरपोर्ट टर्मिनल का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया। जबकि सिलहट भारत की उत्तर-पूर्व सीमा से सटा है और संवेदनशील इलाका माना जाता है।

मिलिट्री प्‍लेटफॉर्म्‍स एक्‍सपोर्ट करने को तैयार है भारत
भारत का लक्ष्‍य 2025 तक 5 बिलियन डॉलर का रक्षा निर्यात करने का है। पिछले दिनों रक्षा मंत्रालय ने 152 स्‍वदेशी डिफेंस प्‍लेटफॉर्म्‍स की लिस्‍ट जारी की थी जिन्‍हें एक्‍सपोर्ट किया जाएगा। इसके साथ-साथ मित्र देशों की एक सूची भी तैयार की गई है। इन देशों की जरूरत के आधार पर भारत डिफेंस एक्‍सपोर्ट करेगा। इनमें अफ्रीका, हिंद महासागर क्षेत्र के अलावा ASEAN क्षेत्र के कई देश शामिल हैं।

वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी दिखा रही असर
पिछले दिनों चीन ने बांग्‍लादेश से कहा था कि वह साइनोवैक वैक्‍सीन के क्लिनिकल ट्रायल का खर्च दे। इसके बाद बांग्‍लादेश ने भारत से मदद मांगी। भारत ने पिछले महीने 20 लाख डोज बांग्‍लादेश को भेज दी थीं। इसके अलावा सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के साथ 3 करोड़ डोज की डील भी हुई थी।



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