Wednesday, April 14, 2021

अंबानी परिवार पर 25 करोड़ की पेनाल्टी: टेक ओवर के नियमों का पालन नहीं करने पर मुकेश, अनिल, नीता और टीना अंबानी पर भी जुर्माना

- Advertisement -


  • Hindi News
  • Business
  • Mukesh, Anil, Neeta And Tina Ambani Also Fined For Not Following The Take over Rules

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सेबी ने कहा है कि यह पेनाल्टी या तो एक साथ लोग मिल कर भरें या फिर अलग-अलग भरें। इसमें कुल 34 लोग शामिल हैं। इस तरह के नियमों में 25 करोड़ की अधिकतम पेनाल्टी या फिर कंपनी के फायदे का तीन गुना पेनाल्टी लगती है

  • 20 साल पुराने मामले में सेबी ने जारी किया 85 पेज का ऑर्डर
  • आकाश, ईशा, जय अनमोल अंबानी भी पेनाल्टी के ग्रुप में

पूंजी बाजार रेगुलेटर सेबी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनके भाई अनिल अंबानी, दोनों की पत्नी नीता और टीना अंबानी पर 25 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई है। यह पेनाल्टी टेक ओवर के नियमों को पालन नहीं करने के मामले में लगाई गई है।

इसके साथ ही इसमें कई और लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। इसमें कोकिला बेन अंबानी, मुकेश अंबानी के लड़के आकाश अंबानी, लड़की ईशा अंबानी, अनिल अंबानी के लड़के जय अनमोल अंबानी आदि शामिल हैं।

फरवरी 2011 में कारण बताओ नोटिस जारी किया

सेबी ने बुधवार को इस मामले में 85 पेज का ऑर्डर जारी किया। सेबी ने इस मामले में फरवरी 2011 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ऑर्डर में कहा गया है कि साल 2000 में रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा टेक ओवर के नियमों का पालन नहीं करने के मामले में जुर्माना लगाया गया है। उस समय रिलायंस इंडस्ट्रीज का बंटवारा नहीं हुआ था। इसीलिए अनिल अंबानी और उनकी पत्नी पर भी यह जुर्माना लगाया गया है।

मुकेश और अनिल के बीच बंटवारा साल 2005 में हुआ था। उसके पहले ही रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी की मौत हो चुकी थी।

साल 2000 में 5 पर्सेंट से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदा था

सेबी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमोटर्स और संबंधित अन्य लोगों ने साल 2000 में कंपनी में 5% से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदा था। इन लोगों ने इसे सही तरीके से नहीं बताया। दरअसल नियमों के मुताबिक, प्रमोटर्स अगर कंपनी में एक वित्त वर्ष में 5% से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ाता है तो उसे माइनॉरिटी शेयर धारकों के लिए ओपन ऑफर लाना होता है, जो रिलायंस ने नहीं लाया था।

7 जनवरी 2000 को खुलासा किया था

ऑर्डर के मुताबिक, रिलायंस के प्रमोटर्स ने 6.83% शेयर एक साथ लिया था। इसका खुलासा 7 जनवरी 2000 को किया गया था, लेकिन इसे पब्लिक अनाउंसमेंट के तहत नहीं किया गया। इसीलिए सेबी का मानना है कि प्रमोटर्स और इससे संबंधित लोग टेकओवर के नियमों का पालन करने में विफल रहे। सेबी ने कहा है कि यह पेनाल्टी या तो एक साथ लोग मिल कर भरें या फिर अलग-अलग भरें। इसमें कुल 34 लोग शामिल हैं। इस तरह के नियमों में 25 करोड़ की अधिकतम पेनाल्टी या फिर कंपनी के फायदे का तीन गुना पेनाल्टी लगती है।

खबरें और भी हैं…



Source link

इसे भी पढ़ें

S-400 Missile System India: भारत को नवंबर से शुरू होगी S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी, अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

हाइलाइट्स:भारत को इस साल नवंबर से मिलने लगेगा रूसी एस-400 मिसाइल सिस्टमरूस के साथ हथियारों की डील पर अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनी का...
- Advertisement -

Latest Articles

S-400 Missile System India: भारत को नवंबर से शुरू होगी S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी, अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

हाइलाइट्स:भारत को इस साल नवंबर से मिलने लगेगा रूसी एस-400 मिसाइल सिस्टमरूस के साथ हथियारों की डील पर अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनी का...

ये हैं मार्केट में मौजूद बेस्ट Chromebook, जानें फीचर्स और कीमत

हाइलाइट्स:अपने लिए खरीदिए बेस्ट क्रोमबुकजानिए कौन से क्रोमबुक हैं बेस्टहर रेंज में मिलेंगे धांसू क्रोमबुकनई दिल्लीअगर आप कोई नया क्रोमबुक खरीदने के बारे...