Wednesday, June 16, 2021

कोविड की दूसरी लहर का असर: 1 करोड़ से भारतीयों की नौकरी छूटी; 97% परिवारों की इनकम घटी, मई में 12% हो सकती है बेरोजगारी दर

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नई दिल्लीएक मिनट पहले

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अनौपचारिक क्षेत्र की नौकरियां जल्द लौट आएंगी। लेकिन औपचारिक क्षेत्र की नौकरियां और क्वालिटी जॉब के अवसर लौटने में एक साल तक का वक्त लगेगा।- सिम्बॉलिक तस्वीर

  • CMIE के सीईओ ने कहा- जिनकी नौकरी छूटी, उन्हें मुश्किल से मिलेगा रोजगार
  • कोविड की पहली लहर में पिछले साल मई में 23.5% तक पहुंच गई थी बेरोजगारी दर

कोरोना की दूसरी लहर के कारण 1 करोड़ से ज्यादा भारतीयों की नौकरी छूट गई है। वहीं, पिछले साल से शुरू हुई महामारी के कारण 97% से ज्यादा परिवारों की इनकम घटी है। प्राइवेट थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के सीईओ महेश व्यास ने यह बात कही है।

मई के अंत तक 12% तक हो सकती है बेरोजगारी दर

व्यास का कहना है कि मई के अंत तक देश की बेरोजगारी दर 12% तक आ सकती है। अप्रैल में बेरोजगारी दर 12% थी। व्यास ने कहा कि नौकरी छूटने का मुख्य कारण कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी खुलनी लगी है। इससे बेरोजगारी की समस्या के कुछ हिस्से का समाधान होगा, लेकिन समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं होगी।

मुश्किल से मिलेगी नौकरी

उन्होंने कहा कि जिन लोगों की नौकरी छूट गई है, उन्हें दोबारा मुश्किल से रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्र की नौकरियां जल्द लौट आएंगी। लेकिन औपचारिक क्षेत्र की नौकरियां और क्वालिटी जॉब के अवसर लौटने में एक साल तक का वक्त लगेगा। पिछले साल देशव्यापी लॉकडाउन के कारण मई में बेरोजगारी दर रिकॉर्ड 23.5% तक पहुंच गई थी। कई एक्सपर्ट्स की राय है कि संक्रमण की दूसरी लहर का पीक चला गया है। अब राज्य धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाएंगे।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 3-4% की बेरोजगारी दर सामान्य

व्यास ने आगे कहा कि 3-4% की बेरोजगारी दर को भारतीय अर्थव्यस्था के लिए सामान्य मानना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि स्थिति में सुधार होने के बाद बेरोजगारी दर में कमी आएगी। व्यास ने कहा कि CMIE ने अप्रैल में 1.75 लाख परिवारों पर एक देशव्यापी सर्वे किया था। इस सर्वें में पिछले एक साल में कमाई का चिंताजनक ट्रेंड सामने आया था। सर्वे में केवल 3% परिवारों ने अपनी आय बढ़ने की बात कही थी, जबकि 55% ने कहा था कि उनकी इनकम में गिरावट हुई है। शेष 42% ने कहा था कि उनकी इनकम में कोई बदलाव नहीं आया है।

97% परिवारों की इनकम घटी

उन्होंने कहा कि यदि हम महंगाई को एडजस्ट करते हैं तो हम पाते हैं कि महामारी के दौरान देश के 97% परिवारों की इनकम घटी है। व्यास ने कहा कि इस समय मार्केट में लेबर पार्टिशिपेशन रेट घटकर 40% पर आ गया है। कोरोना महामारी से पहले लेबर पार्टिशिपेशन रेट 42.5% था।

देश में कोरोना महामारी आंकड़ों में

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 1.26 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 2.54 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौतें: 2,781
  • अब तक कुल संक्रमित हो चुके: 2.81 करोड़
  • अब तक ठीक हुए: 2.59 करोड़
  • अब तक कुल मौतें: 3.31 लाख
  • अभी इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 18.90 लाख

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