Friday, March 5, 2021

सरकार ने संसद में दी जानकारी: गांवों को 100 Mbps स्पीड वाली इंटरनेट देने की समय सीमा फिर बढ़ेगी, 2.5 लाख गांवों को जोड़ने की है योजना

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नई दिल्ली10 घंटे पहले

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यूपीए सरकार ने 2011 में नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क नाम से एक स्कीम लॉन्च की थी। 2015 में इसका नाम बदलकर भारत-नेट प्रोजेक्ट कर दिया गया था।

  • 2.5 लाख में से 1.5 लाख गांव भारत-नेट प्रोजेक्ट से जुड़े
  • अगस्त 2021 तक पूरा किया जाना है भारत-नेट प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित योजना भारत-नेट प्रोजेक्ट के पूरा होने में अभी और समय लग सकता है। केंद्र सरकार ने 2.5 लाख गांवों में 100 Mbps की स्पीड वाली इंटरनेट देने के लिए इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। लेकिन इस प्रोजेक्ट के तहत अभी तक 98,569 गांव ही इस सेवा के लिए तैयार हो पाए हैं।सरकार ने संसद में यह जानकारी दी है।

1.51 लाख गांव भारत-नेट प्रोजेक्ट से जुड़े

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि 1,51,431 गांव भारत-नेट प्रोजेक्ट से जुड़ चुके हैं। इसमें ब्लॉक हेडक्वार्टर भी शामिल हैं। 2.5 लाख गांवों को भारत-नेट प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए अगस्त 2021 तक की डेडलाइन तय की गई थी। लेकिन अब इस योजना को पूरा करने के लिए डेडलाइन को फिर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी

भारत- नेट प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। हाल ही में संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने दूरसंचार विभाग से इस परियोजना में देरी पर कैबिनेट नोट तैयार करने को कहा था। साथ ही इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर पूरा करने के लिए कहा था।

DCC ने प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को मंजूरी देने में देरी लगाई

पैनल ने कहा कि भारत-नेट प्रोजेक्ट को प्राइवेट सेक्टर की मदद से पूरा कराने के लिए मंजूरी देने में डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन (DCC) ने एक साल से ज्यादा की देरी की है। DCC ने पिछले साल ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए PPP मॉडल को मंजूरी दी है।

क्या है भारत-नेट प्रोजेक्ट?

यूपीए सरकार ने 2011 में नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क नाम से एक स्कीम लॉन्च की थी। 2015 में इसका नाम बदलकर भारत-नेट प्रोजेक्ट कर दिया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को 100 Mbps की स्पीड वाली इंटरनेट सेवा से जोड़ना है। भारत-नेट दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड संपर्क कार्यक्रम है। यह पूरी तरह मेड इन इंडिया अभियान के तहत किया जा रहा है।

4.97 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाई गई

भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक 4 लाख 97 हजार 677 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई जा चुकी है। यह OFC 1 लाख 65 हजार 222 गांवों को जोड़ती है। 1 लाख 52 हजार 921 गांवों में OFC को जोड़ने वाले उपकरण इंस्टॉल कर दिए गए हैं।



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