Friday, May 7, 2021

हाथ में कम आएगी सैलरी: सेबी के नए नियम से म्यूचुअल फंड के अधिकारी खफा, सैलरी का 20% स्कीम की यूनिट के रूप में लेना होगा

- Advertisement -


  • Hindi News
  • Business
  • SEBI New Rules; 20% Of Mutual Fund Top Executives Salary Will Be Taken As Unit Of Scheme

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • फ्रैंकलिन टेंपल्टन की 6 डेट स्कीम पिछले साल अप्रैल में बंद कर दी गई थी
  • इसमें फंड के टॉप अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों ने पहले ही अपने पैसे निकाल लिए थे

सेबी के नए नियम ने म्यूचुअल फंड के टॉप अधिकारियों को परेशान कर दिया है। खबर है कि अब म्यूचुअल फंड हाउस इसका विरोध कर सकते हैं। लगातार सेबी के नए नियमों से फंड हाउस परेशान हैं। लेकिन इस बार की परेशानी काफी ज्यादा है।

टॉप अधिकारियों पर लागू होगा नियम

दरअसल सेबी ने पिछले दिनों कहा कि म्यूचुअल फंड के टॉप अधिकारियों को उनकी सैलरी का 20 पर्सेंट हिस्सा स्कीम की यूनिट के रूप में लेना होगा। यानी उनको जो भी सैलरी, पर्क, बोनस या नॉन कैश के रूप में मिलता है, उन सभी को मिलाकर यह 20% होगा। यह किसी भी फंड हाउस के टॉप अधिकारियों के लिए लागू होगा। यानी फंड हाउस के सीईओ, सीआईओ, फंड मैनेजर, आईटी हेड या इस तरह के जितने भी हेड हैं, सभी पर यह लागू होगा। इसे 1 जुलाई से अमल में लाया जाएगा।

वेबसाइट पर बताना होगा

सेबी ने कहा कि म्यूचुअल फंड हाउसों को अपनी वेबसाइट पर इसे बताना होगा। इसमें यह बताना होगा कि स्कीम में दी गई यूनिट की संख्या कितनी है। इस यूनिट को 3 साल तक लॉक रखा जाएगा। यानी आप इसे बेच नहीं पाएंगे। अगर कोई रिटायर हो रहा है तो फिर इसे बेच सकता है। सेबी ने कहा कि अगर कोई अधिकारी नियम तोड़ता है या फ्रॉड करता है तो इस यूनिट को जब्त किया जाएगा।

म्यूचुअल फंड हाउस परेशान

सेबी के इस नए आदेश ने म्यूचुअल फंड हाउस को परेशान कर दिया है। फंड हाउसों का कहना है कि इससे ऑपरेशनल दिक्कतें तो होंगी ही, साथ ही यह सही भी नहीं है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि जो सैलरी मिल रही है, उसमें टैक्स और इन्वेस्टमेंट काटने के बाद 50-60% सैलरी ही हाथ में आती है। अगर 20% का यह नियम लागू हो गया तो फिर हाथ में आने वाली सैलरी और कम हो जाएगी। इससे अच्छा है कि फंड हाउस में नौकरी की बजाय कहीं कंसलटेंट की नौकरी कर ली जाए।

नियम का विरोध करना चाहिए

कुछ फंड हाउसों ने कहा कि अब सेबी के इस नियम का विरोध करना चाहिए। दरअसल फंड हाउस रेगुलेटर का विरोध नहीं करते हैं, पर इस नियम ने उनको विरोध करने के लिए एकजुट कर दिया है। दरअसल सेबी ने यह फैसला इसलिए किया है क्योंकि फ्रैंकलिन टेंपल्टन में कुछ टॉप के अधिकारियों ने स्कीम बंद होने के पहले ही अपना निवेश निकाल लिया था। बाद में स्कीम बंद कर दी गई। फ्रैंकलिन टेंपल्टन की 6 डेट स्कीम पिछले साल अप्रैल में बंद कर दी गई थी। इसमें कुल 25 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश था।

खबरें और भी हैं…



Source link

इसे भी पढ़ें

जिंदगी की जंग: 1980 ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों की हालत गंभीर

नई दिल्ली1980 मॉस्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली हॉकी टीम के दो खिलाड़ी महाराज कृष्ण कौशिक और रवींद्र पाल सिंह कोरोना वायरस...
- Advertisement -

Latest Articles

जिंदगी की जंग: 1980 ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों की हालत गंभीर

नई दिल्ली1980 मॉस्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली हॉकी टीम के दो खिलाड़ी महाराज कृष्ण कौशिक और रवींद्र पाल सिंह कोरोना वायरस...

कायरन पोलार्ड के लिए खुशखबरी, CPL 2021 में शाहरुख खान की टीम की करते दिखेंगे कप्तानी

नई दिल्लीइंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2021 सत्र में अपने छक्कों से गेंदबाजों को दहलाने वाले कायरन पोलार्ड (Kieron Pollard) के लिए खुशखबरी...

Second Covid Wave in India: इजरायल से जीवन रक्षक उपकरणों की पहली खेप पहुंची भारत

नई दिल्लीकोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के खिलाफ जारी लड़ाई को मजबूती देने के लिए इजरायल ने भारत को बड़ी मदद भेजी...