Wednesday, June 16, 2021

2025 तक अर्थव्यवस्था की तस्वीर: 5 लाख करोड़ डॉलर की GDP का लक्ष्य है असंभव, 4 सालों में 22% की दर से ग्रोथ की जरूरत

- Advertisement -


  • Hindi News
  • Business
  • GDP Target Of $ 5 Trillion Is Impossible, 22% Growth Is Needed In 4 Years, India Economy Growth Rate

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कोरोना के समय में GDP को 83 अरब डॉलर का नुकसान यानी 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, अगर हम डॉलर की तुलना में 73 रुपए के रेट को पकड़ते हैं जो अभी चल रहा है। इस हिसाब से हमारी GDP की साइज 2.7 लाख करोड़ डॉलर है

  • देश की अर्थव्यवस्था में कोरोना से पहले से ही गिरावट जारी है
  • चालू वर्ष में अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान 7.9 से 9% के आस-पास

वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था को करीब 83 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस दौरान देश के सकल घरेलू उत्पादन (GDP) में 7.3% की गिरावट आई। ऐसे में 5 ट्रिलियन डॉलर वाली इकोनॉमी बनने में भारतीय अर्थव्यवस्था का जो लक्ष्य 2025 तक है, वह मुश्किल लग रहा है।

कोरोना से पहले से गिरावट

हालांकि GDP में गिरावट कोरोना से पहले से ही आ रही है। कोरोना तो एक कारण है। उससे पहले के अगर हम वित्त वर्ष 2018 से देखें तो अर्थव्यवस्था में गिरावट जारी है। इसका कारण यह रहा है कि सेविंग और निवेश की जो ब्याज दर है उसमें कमी आती गई। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि साल 2016 में 500 और 1000 रुपए के नोट की बंदी और फिर अगले ही साल सामान एवं सेवा कर (GST) को लागू करने से अर्थव्यवस्था पर इसका असर देखा गया। इससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।

चुनौतियां जल्दी खत्म नहीं होने वाली

आगे अर्थव्यवस्था में और चुनौतियां दिख रही हैं। क्योंकि कोरोना का असर इतना जल्दी खत्म नहीं होने वाला है। इसका असर बेरोजगारी से लेकर कारोबार सहित लोगों की बचत और खर्च सभी को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने, लोगों को रोजगार मिलने और निवेश तथा बचत करने में काफी समय लगेगा।

दूसरी छमाही में दिखेगी रिकवरी

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस चालू वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2021 से लेकर मार्च 2022 तक के बीच में जो दूसरी छमाही है यानी अक्टूबर से मार्च के बीच में GDP में अच्छी रिकवरी दिखेगी। वैसे 2020 के अप्रैल से 2021 के मार्च के बीच भी यही रुझान था। तब पहली दो तिमाहियों में GDP में गिरावट थी और फिर उसकी बाद की दो तिमाहियों में इसमें रिकवरी दिखी थी।

2012 के बाद से बढ़ी, पर 2016 के बाद से गिरी अर्थव्यवस्था

सालाना रियल GDP ग्रोथ की बात करें तो साल 2012-13 में देश की अर्थव्यवस्था में 5.5% की बढ़त थी। 2013-14 में यह 6.4% रही तो 2014-15 में यह 7.4 और 2015-16 में 8% पर पहुंच गई। 2016-17 में यह 8.3% पर पहुंची लेकिन अगले ही साल यह गिर कर 6.8% पर आ गई। 2018-19 में GDP की विकास दर 6.5% रही जबकि 2019-20 में यह 4% पर आ गई। यानी मार्च 2020 तक। इस साल 2021 के मार्च में यह -7.3% पर आ गई जो पिछले 40 सालों में पहली बार हुआ है कि सालाना आधार पर GDP में गिरावट दिखी हो।

2025 तक मुश्किल है 5 लाख करोड़ डॉलर की साइज

अब देखते हैं कि 2025 तक GDP 5 ट्रिलियन डॉलर की क्यों नहीं होगी। दरअसल कोरोना के समय में GDP को 83 अरब डॉलर का नुकसान यानी 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, अगर हम डॉलर की तुलना में 73 रुपए के रेट को पकड़ते हैं जो अभी चल रहा है। इस हिसाब से हमारी GDP की साइज 2.7 लाख करोड़ डॉलर है।

3 सालों में हर साल 25% की ग्रोथ की जरूरत

इस हिसाब से देखें तो अगले 3 सालों में भारत को सालाना 25% की GDP ग्रोथ लानी होगी। यानी जो अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं, यहां तक कि उसकी आधा ग्रोथ भी कभी-कभार ही रही है। अभी हम कोरोना के जिस दौर से गुजर रहे हैं और जिस तरह से तीसरी और चौथी लहर की बात आ रही है, ऐसे में यह और भी असंभव है। विश्लेषक मानते हैं कि अगर यह भी मान लिया जाए कि कोरोना इस साल में खत्म हो जाएगा और सब कुछ पटरी पर आ जाएगा, तो भी 25% की ग्रोथ तो नामुमकिन है।

प्रमुख देशों की तरह भारत पर भी असर

कोरोना के समय में प्रमुख देशों की बात करें तो भारत की अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में रही है। अमेरिका की GDP 3.5% गिरी थी जबकि जर्मनी की 4.9%, फ्रांस की 8.2%, इटली की 8.9%, स्पेन की 11% गिरी थी। जापान की 4.8% गिरी तो यूके की अर्थव्यवस्था में 9.9% की गिरावट आई थी। चीन की इकोनॉमी ने इस दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसकी GDP में 2.3% की बढ़त रही। दक्षिण अफ्रीका की GDP 7% गिरी।

चालू वर्ष में अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान 9% के आस-पास

अब इस चालू साल में जो अनुमान GDP की ग्रोथ को लेकर लगाया गया है वह कुछ इस तरह से है। एडलवाइस ने 9 से 9.5% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है जबकि मूडीज ने 9.3%, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने 9.6%, यस बैंक ने 8.5%, एसबीआई रिसर्च ने 7.9%, एचएसबीसी ने 8% और कोटक इकोनॉमिक रिसर्च ने 9% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

अब अगर इस साल में इस तरह की ग्रोथ रही भी तो फिर बाकी के सालों में ग्रोथ की रेट जो है वह 25% से भी ज्यादा चाहिए। ऐसे में यह बहुत मुश्किल है कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी को भारत तय समय में पा लेगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

इसे भी पढ़ें

नोवेंटी ओपन: अपने ‘हीरो’ रोजर फेडरर को दी मात, 20 की उम्र में छाए फेलिक्स एउगर

हालेविश्व के 21वें नंबर के खिलाड़ी कनाडा के फेलिक्स एउगर एलियासिमे ने पूर्व नंबर-1 स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर को हराकर नोवेंटे ओपन टेनिस...

बाइडन-पुतिन शिखर सम्मेलन कितना सफल? किन मुद्दों पर बनी सहमति और वे सवाल जिन पर फंसे दोनों नेता

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच जिनेवा में आयोजित शिखर बैठक खत्म हो चुकी है। दोनों...

Samsung Galaxy Tab S7 FE और Tab A7 Lite की कीमतें लीक, 18 जून को भारत में लॉन्च होंगे दमदार Tablets

दक्षिण कोरिया की हैंडसेट निर्माता कंपनी Samsung भारत में ग्राहकों के लिए दो नए Tablets लॉन्च करने वाली है। कंपनी 18 जून को...
- Advertisement -

Latest Articles

नोवेंटी ओपन: अपने ‘हीरो’ रोजर फेडरर को दी मात, 20 की उम्र में छाए फेलिक्स एउगर

हालेविश्व के 21वें नंबर के खिलाड़ी कनाडा के फेलिक्स एउगर एलियासिमे ने पूर्व नंबर-1 स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर को हराकर नोवेंटे ओपन टेनिस...

बाइडन-पुतिन शिखर सम्मेलन कितना सफल? किन मुद्दों पर बनी सहमति और वे सवाल जिन पर फंसे दोनों नेता

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच जिनेवा में आयोजित शिखर बैठक खत्म हो चुकी है। दोनों...

Samsung Galaxy Tab S7 FE और Tab A7 Lite की कीमतें लीक, 18 जून को भारत में लॉन्च होंगे दमदार Tablets

दक्षिण कोरिया की हैंडसेट निर्माता कंपनी Samsung भारत में ग्राहकों के लिए दो नए Tablets लॉन्च करने वाली है। कंपनी 18 जून को...