Monday, June 14, 2021

आज का दिन: ऐसा बोलर जिसके इशारे में नाचती थी गेंद, हैपी बर्थडे वसीम अकरम

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हाइलाइट्स:

  • महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम का आज 51वां जन्मदिन
  • वनडे इंटरनैशनल में 500 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले बोलर
  • अकरम को कहा जाता है बाएं हाथ का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज
  • नई और पुरानी दोनों गेंदों से करिश्मा करने में माहिर थे अकरम

नई दिल्ली
वो गेंद से जादू करता था। उसके हाथ से गेंद निकलती और नाचती। लहराती। घूमती। गिरती। उछलती। और न तमाम तरह के करतब करती। जैसा वह चाहता वह करती। उसने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ लेफ्ट आर्म पेसर कहा जाता है। जी, वसीम अकरम की बात हो रही है।

पाकिस्तान के इस महान तेज गेंदबाज का आज 51वां जन्मदिन है। आज ही के दिन 1966 में लाहौर में उनका जन्म लाहौर में हुआ। अपने करियर में उसने तमाम कारनामे किए। विकेटों के अंबार लगा दिए। बल्लेबाजों के लिए यह समझना मुश्किल होता था कि आखिर वसीम की गेंद कहां जाएगी।

गेंद नई हो या पुरानी वसीम को कोई फर्क नहीं पड़ता था। नई गेंद स्विंग होती थी और पुरानी रिवर्स स्विंग। यानी गेंद पुरानी होने के बाद हथियार में और धार लग जाती। अकरम का ऐक्शन क्विक आर्म था। और यह उन्हें और खतरनाक बनाता। वह वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 916 विकेट।

घरेलू क्रिकेट खेले बिना ही डेब्यू
अकरम ने जब डेब्यू किया तो उन्हें घरेलू क्रिकेट का कोई अनुभव नहीं था। जावेद मियांदाद उन्हें टीम में लेकर आए। साल 1985 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्यूडिन में उन्होंने मैच में 10 विकेट लेकर बता दिया कि यह 19 साल का लड़का यहां कमाल करने आया है। 1994 के अपने कीवी दौरे पर उन्होंने वेलिंग्टन में 179 रन देकर 11 विकेट लेकर अपने प्रदर्शन को बेहतर किया।

1992 वर्ल्ड कप की वे दो गेंद
1992 के वर्ल्ड कप फाइनल में अकरम ने लगातार दो गेंदों पर एलन लैंब और क्रिस लुईस को आउट कर मैच का रुख पलट दिया था। इन दोनों गेंदों को खेलना ‘असंभव’ था। लैंब को उन्होंने क्रीज से बाहर से गेंद फेंकी। लैंब को लगा गेंद अंदर आएगी। वह आई भी। हवा में अंदर आने के बाद बाहर निकल गई। लैंब इसके लिए तैयार नहीं थे। जब तक लैंब कुछ समझते ऑफ स्टंप उखड़ चुका था। लुईस के साथ इससे उलट हुआ। वह खुद को बाहर जाती गेंद के लिए सेट कर चुके थे। इस बार गेंद इनस्विंगर थी। लुईस के बल्ले को छकाती हुई विकेटों से जा लगी। इन दो गेंदों के बाद इंग्लैंड की पारी पटरी से उतर गई। और पाकिस्तान ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता।

बल्लेबाजी में भी दम
अकरम लोअर-ऑर्डर में अटैकिंग बल्लेबाज भी थे। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में एक दोहरा शतक भी लगाया था। 1990 में मैच-फिक्सिंग स्कैंडल में उन पर आरोप लगा।



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