Wednesday, August 4, 2021

युवराज सिंह ने दिल खोलकर की विराट कोहली की तारीफ, बोले वह 30 की उम्र में ही महान बन चुके हैं

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नई दिल्ली
विराट कोहली ने साल 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। उनकी कप्तानी में यह एकमात्र आईसीसी ट्रोफी है। सीनियर टीम में भी वह 2008 में आ गए थे। धीरे-धीरे उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की। और फिर 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।

भारतीय टीम के महान ऑलराउंडर और 2011 वर्ल्ड के प्लेयर ऑफ द टूर्नमेंट रहे युवराज सिंह विराट कोहली की कामयाबी को काफी ‘बड़ा’ मानते हैं।

विराट कोहली के इस बदलाव के बारे में युवराज ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम से कहा, ‘साल 2011 से अब तक विराट में काफी फर्क है। विराट जब टी में आए तो उन्होंने काफी संभावनाएं दिखाईं थीं। जैसे ही उसे मौके मिले तो उन्होंने इस दोनों हाथों से पकड़ा। इसी वजह से उन्हें वर्ल्ड कप की टीम में जगह मिली। वह उस समय काफी युवा थे। उस समय रोहित और विराट में मुकाबला था। उस वक्त विराट रन बना रहे थे और यही कारण था कि उन्हें मौका मिला। और तब से अब तक देखें तो विराट में पूरी तरह बदल चुके हैं।’

बीते कुछ वर्षों में विराट एक रन मशीन बन चुके हैं। हालांकि उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठते रहते हैं लेकिन उनकी बल्लेबाजी सबको लाजवाब करती है।

कोहली के नाम 12169 वनडे रन हैं। वह वनडे इंटरनैशनल में सचिन तेंडुलकर (18426) के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। कुल मिलाकर वह छठे स्थान पर हैं।

कोहली को रनों का पीछा करना पसंद है। उन्हें इसका महारती समझा जाता है। विराट वनडे इंटरनैशनल में सबसे ज्यादा सेंचुरी बनाने के मामले में भी सचिन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। वनडे में उनके नाम 43 शतक हैं वहीं सचिन तेंडुलकर 49 सेंचुरी के साथ टॉप पर हैं।

युवराज ने कोहली की तारीफ में आगे कहा, ‘मैंने उन्हें अपनी आंखों के सामने ट्रेनिंग करते और आगे बढ़ते देखा है। वह शायद सबसे ज्यादा मेहनत करते हैं, अपने खानपान को लेकर काफी अनुशासित हैं। अपनी ट्रेनिंग को लेकर भी कड़े अनुशासन का पालन करते हैं। जब वह रन बना रहे होते हैं तो आप देख सकते हैं कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नजर आना चाहते हैं। उनका इस तरह का रवैया है। उनका यही स्वैग है।’

भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 ODI और 58 T20I खेलने वाले युवराज ने ने आगे बताया, ‘वह काफी रन बना रहे थे और फिर उन्हें कप्तान बनाया गया। कई बार आप इससे खुलकर नहीं खेल पाता लेकिन जब वह कप्तान बने तो उनके प्रदर्शन की निरंतरता और बढ़ गई। करीब 30 साल की उम्र में उन्होंने काफी कुछ हासिल कर लिया है।’

युवराज ने कहा, ‘लोग रिटायर होने के बाद महान बनते हैं, लेकिन कोहली 30 साल की उम्र में ही महान बन चुके हैं। एक क्रिकेटर के रूप में उन्हें बड़ा होते देखना वाकई शानदार है। उम्मीद है कि वह ऊंचे स्तर पर करियर खत्म करेंगे। चूंकि अभी उनके पास काफी समय है।’



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