Monday, June 14, 2021

शिव थापा भी फाइनल हारे, पंघाल नहीं बचा पाए एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का खिताब

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दुबई
अमित पंघाल के बाद भारत के शिवा थापा (64 किग्रा) भी एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में हार गए, उन्हें भी रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। टूर्नामेंट के आखिरी दिन आज सोमवार को एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मंगोलिया के बातरसुख चिनजोरिग ने थापा को खिताबी मुकाबले में 3-2 से हराया।

हार के बावजूद थापा ने रचा इतिहास
यह शिव थापा का एशियाई चैंपियनशिप में लगातार पांचवां पदक रहा। थापा ने 2013 में सोना जीता था, इसके बाद 2015 में बैंकाक में वह कांस्य जीतने में सफल रहे थे। इसी तरह 2015 में थापा ने रजत पदक जीता था। 2019 में बैंकाक मे थापा के हिस्से कांस्य आया था।

खिताब नहीं बचा पाए अमित पंघाल
इससे पहले, मौजूदा चैंपियन अमित पंघाल 52 किग्रा के फाइनल मुकाबले में रियो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज जोइरोव शाखोबिदीन से हार गए। इस तरह, अमित ने 2019 में जो खिताब जीता था, उसकी रक्षा वह नहीं कर सके। एशियाई खेलों के चैम्पियन टाप सीड पंघल को शाखोबिदीन ने 3-2 से हराया।

चोटिल आंख से लड़ते रहे पंघाल
जोइरोव पहले दौर में भारी पड़े तो पंघाल ने दूसरे दौर में अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाया और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी की फुर्ती और मुक्कों से बचने में सफल रहे। पंघाल ने आंख में चोट लगने के बाद भी तीसरे दौर में दमदार खेल दिखाया और इस दौर में जजों से उन्हें ज्यादा अंक मिले, लेकिन कुल अंकों के आधार पर वह पिछड़ गए।

अमित पंघाल और शिव थापा एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में, पदक पक्के
महिलाओं में पूजा रानी को मिला गोल्ड
इससे पहले, भारतीय महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक हासिल किए। रविवार को गत चैंपियन पूजा रानी (75 किग्रा) ने स्वर्ण पदक हासिल किया जबकि छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) और टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही लालबुतसाही (64 किग्रा) और अनुपमा (81 किग्रा से अधिक) को फाइनल में हारने के बाद में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। खास बात यह है भारतीय महिलाओं ने हर भार वर्ग में पदक जीता और भारत को 2019 से बेहतर सफलता दिलाई, जब भारत ने बैंकाक में 13 पदक जीते थे।

आठ बॉक्सर्स को कांस्य पदक
इससे पहले आठ भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को कांस्य पदक मिला है।

इस साल पुरस्कार राशि में इजाफा

इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) ने इस चैंपियनशिप के लिए 4,00,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि आवंटित की है। पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 अमेरीकी डॉलर से सम्मानित किया जा रहा है जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमश: 5,000 अमेरीकी डालर और 2,500 अमेरीकी डॉलर का पुरस्कार दिया जा रहा है। टूर्नामेंट में भारत, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया, फिलीपींस और कजाकिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी राष्ट्रों सहित 17 देशों के 150 मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था।

(एजेंसियों से इनपुट के साथ)



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