Tuesday, March 9, 2021

IND vs ENG : चेन्नै टेस्ट में दर्शकों के साथ चेपॉक पर लौटा उत्साह, फिर दिखी क्रिकेट की दीवानगी

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हाइलाइट्स:

  • कोरोना महामारी के कारण पिछले करीब एक साल से स्टेडियमों में नहीं थी दर्शकों की एंट्री
  • चेन्नै के चेपॉक में भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच से स्टेडियम में लौटे दर्शक
  • सीटों के बीच फासला, सैनिटाइजर और मास्क समेत स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी कई इंतजाम

चेन्नै
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच से देश के स्टेडियमों में करीब एक साल बाद क्रिकेट दर्शकों की वापसी हुई। कोरोना महामारी ने खेलों से दर्शकों को दूर करके मानो उनकी संजीवनी ही छीन ली थी लेकिन अब चेपॉक स्टेडियम पर दर्शकों के लौटते ही चिर-परिचित उत्साह और क्रिकेट को लेकर दीवानगी साफ देखने को मिली। स्टेडियम में दर्शक निराशा और नकारात्मकता में बीते पिछले दौर को भुलाकर रोहित शर्मा के शॉट्स पर उछलते नजर आए।

किसी ने अपने ‘थाला’ महेंद्र सिंह धोनी की सात नंबर की चेन्नै सुपर किंग्स की जर्सी पहन रखी थी तो किसी ने हाथ में ‘भारत आर्मी’ का बैनर थाम रखा था। किसी ने मास्क पहन रखा था तो किसी ने नहीं। करीब 14-15 हजार दर्शकों की मौजूदगी ने मैदान का माहौल ही बदल दिया था। मैदान में सीटों के बीच भले ही फासला हो लेकिन क्रिकेट के प्रेम ने सभी दर्शकों को मानों एक सूत्र में जोड़ दिया।

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तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए 50 फीसदी दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति दी है। एस श्रीराम रोहित शर्मा के प्रशंसक हैं लेकिन आईपीएल में वह चेन्नै सुपर किंग्स की जीत की दुआ करते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वह खास तौर पर रोहित की बल्लेबाजी देखने पहुंचे और यह इसलिए भी खास था क्योंकि रोहित चेन्नै में अपना पहला टेस्ट खेल रहे हैं।

श्रीराम ने कहा, ‘रोहित को टेस्ट खेलते देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। उनकी बल्लेबाजी देखने का अलग ही मजा है। दर्शकों से ‘रोहित रोहित’ सुनकर इतना अच्छा लग रहा है। दर्शकों के बिना क्रिकेट का कोई मजा ही नहीं।’


कोरोना महामारी अभी गई नहीं है लेकिन मैदान पर क्रिकेट देखने के इस मौके ने दर्शकों को सकारात्मकता और ऊर्जा से भर दिया। चेन्नै के दर्शक अपने खेल-प्रेम के लिए वैसे भी मशहूर हैं।

जब 1999 में पाकिस्तान ने रोमांचक मैच में भारत को हराया था , तब दर्शकों ने खड़े होकर उसका अभिवादन किया था। इसी मैच में चोटिल सचिन तेंडुलकर आंख में आंसू लिए ड्रेसिंग रूम लौटे थे। यहां 1988 में नरेंद्र हिरवानी को 16 विकेट लेते देखने के बाद से सारे टेस्ट देख चुके आर वेंकटरमन ने कहा, ‘मैं 1987 से चेपॉक पर सारे टेस्ट देख रहा हूं। अब हालात अलग हैं और महामारी ने जिंदगी बदल दी है।’

उन्होंने कहा, ‘यह देखकर अच्छा लग रहा है कि खेल फिर शुरू हो गए और दर्शकों को प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।’

सुबह आठ बजे से ही चेपॉक में प्रवेश द्वारों पर दर्शक जुटने शुरू हो गए थे। पिछले एक दशक में पहली बार ‘आई’, ‘जे’ और ‘के’ स्टैंड दर्शकों के लिए खोले गए। मैच देखने आए सैयद मुस्तफा ने कहा, ‘यह अविश्वसनीय अनुभव है। भारत जीतता है तो यह सोने पर सुहागा होगा। प्रोटोकॉल का पालन करना कठिन है लेकिन लोगों को खुद समझना होगा कि एक गलती कितनी भारी पड़ सकती है।’



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