Friday, April 23, 2021

Michael Vaughan On Pitch Controversy: माइकल वॉन ने पिच को लेकर फिर बीसीसीआई को कोसा, आखिर भारत पर इतने आक्रामक क्यों हैं पूर्व इंग्लिश कप्तान?

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नई दिल्ली
भारतीय टीम ने इंग्लैंड को लगातार दो टेस्ट मैचों में धूल चटाते हुए 4 मैचों की सीरीज में जोरदार वापसी की। चेन्नै में पहला टेस्ट गंवाने के बाद विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम की खूब आलोचना हुई थी। कप्तानी पर सवाल उठाए जा रहे थे और टीम को चूका हुआ माना जा रहा था। टीम की आलोचना करने वालों में सबसे आगे इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन थे।

अब जब टीम इंडिया ने बाउंस बैक किया तो वह अजीबोगरीब ढंग से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कभी वह इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को निशाने पर लेते हैं और रोटेशन पॉलिसी का विरोध करते हैं तो कभी खराब पिच कहकर टीम इंग्लैंड का बचाव करते दिखते हैं। अब उन्होंने टेलीग्राफ के लिए एक आर्टिकल लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि क्यों आईसीसी को खराब पिच बनाने से देशों को रोकने के लिए तेजी से काम करना होगा।

आईसीसी पर उठाया सवाल
उन्होंने ट्वीट किया- इस सप्ताह कोई विजेता नहीं है… मेरे कारण क्यों आईसीसी को भविष्य में बहुत खराब पिचों का निर्माण करने वाली भारत और अन्य टीमों को रोकने के लिए तेजी से कार्य करना होगा। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत को ऐसी पिचें तैयार करने के लिए जितनी अधिक छूट दी जाएगी जो टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी नहीं हैं, उतना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बेअसर नजर आएगा।

वॉन ने लिखा, ‘भारत जैसे शक्तिशाली देशों को इसके लिए जितनी अधिक छूट दी जाएगी आईसीसी उतना अधिक बेअसर नजर आएगा।’ उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, ‘भारत जैसी पिच तैयार करना चाहता है खेल की संचालन संस्था उसे इसके लिए छूट देती है और इससे टेस्ट क्रिकेट को नुकसान पहुंचता है।’ बता दें कि जब भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर था तो वह उसके एकतरफा हार की खुलेआम सोशल मीडिया पर ऐलान करते दिखे थे।

नासिर हुसैन नहीं रखते वॉन से इत्तेफाक
हालांकि, उन्हीं के देश के सीनियर क्रिकेटर और पूर्व कप्तान नासिर हुसैन इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते कि पिच खराब थी। उन्होंने साफतौर पर कहा कि यह पूरी तरह से मानसिकता से जुड़ा है और इंग्लैंड को सीरीज ड्रॉ कराने का तरीका ढूंढना होगा जो कि उनके लिए अच्छा परिणाम होगा। इंग्लैंड को भारत के खिलाफ गुरुवार को तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में दो दिन के अंदर ही 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। देखा जाए तो 3 महत्वपूर्ण पॉइंट रहे, जहां इंग्लिश टीम फेल रही। अगर वह उन पॉइंट्स पर काम करती तो शायद वह भारत के खिलाफ इतनी आसानी से हथियार नहीं डालती….

स्पिन के खिलाफ कमजोर रणनीति
यह सर्वविदित है कि जब एशिया में खेलना है तो दुनिया की बेहतरीन स्पिन अटैक का सामना करना होगा। अगर बात भारत की होगी तो मेहमान टीम की राह और भी मुश्किल हो जाती है। अगर मेहमान टीम की अच्छी तैयारी नहीं होती है तो उसका मुकाबला जीतना ही नहीं, बल्कि फाइट करने में भी सक्षम नहीं होगी। यही हुआ इंग्लैंड के साथ। पहले टेस्ट में जो रूट ने दोहरा शतक जड़ा तो टीम मैदान मार ले गई, लेकिन उनके फेल होते ही बैटिंग चारों खाने चित हो गई। रिजल्ट सबके सामने है। हालांकि, रोचक बात यह है कि अधिक बल्लेबाज सीधी रहती गेंद पर आउट हुए।

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सिलेक्शन: इंग्लैंड ने जान बूझकर खाया ‘जहर’
शुरुआती से कहा जा रहा था कि नरेंद्र मोदी के नाम पर नवनिर्मित दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम स्पिनरों के लिए स्वर्ग होगा। ऐसे में इंग्लैंड ने 4 सीमर्स (बेन स्टोक्स सहित) को शामिल किया। रोचक बात यह है कि मैच में स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन साथ खेले, जबकि रूट कई बार कह चुके हैं कि इन दोनों का साथ खेलना मुश्किल है। इन दोनों के अलावा बेन स्टोक्स का भी खाता नहीं खुला। स्पिनरों के लिए मददगार पिच पर इंग्लैंड ने न जाने क्या सोचकर ऐसा फैसला लिया। अगर जैक लीच और रूट के अलावा कोई अन्य स्पिनर भी टीम में होता तो भारतीय टीम मुश्किल में हो सकती थी, क्योंकि यहां रूट ने अकेले दूसरे दिन 5 विकेट झटके थे। इस बात से वॉन भी इत्तेफाक रखते हैं।

गलत जगह दिखाई आक्रामकता
चेन्नै में टर्निंग पिच पर रविचंद्रन अश्विन ने शानदार शतक जड़ा था। मैच के बाद उन्होंने कहा कि यहां धैर्य की जरूरत है, जो मैदान पर रुकेगा वही रन बनाएगा। ऐसा ही मोटेरा में भी देखने को मिला। रोहित ने पहली पारी में 98 गेंदों का सामना किया था और 66 रन बनाए थे। वह किसी एक पारी में न केवल सबसे अधिक गेंद खेलने वाले बल्लेबाज रहे, बल्कि सबसे अधिक 66 रनों का स्कोर भी बनाया। मैच में अच्छे टच में दिख रहे बेन स्टोक्स दूसरी पारी में अश्विन को टारगेट करते दिखे और अपना विकेट गंवा दिया, जबकि यहां धैर्य की जरूरत थी।



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